Nanobots: क्या आपकी याददाश्त एक पल में उड़ सकती है? जानिए नैनोबॉट्स की दुनिया का खौफनाक सच!

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Mon, 14 Apr 2025 05:27 PM IST
सार

स्कॉटलैंड की एडिनबरा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च के दौरान ऐसे नैनोबॉट्स तैयार किए हैं जो मैग्नेटिक फील्ड और मेडिकल इमेजिंग की मदद से शरीर के अंदर नेविगेट कर सकते हैं।

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Researchers in scotland developed nanobots that can help treat diseases and capable of erasing memory
नैनोबॉट्स - फोटो : AI

    विस्तार

    तकनीक जितनी तेजी से तरक्की कर रही है, उतनी ही तेजी से उससे जुड़े खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं। आज रोबोट्स सिर्फ कारखानों या अंतरिक्ष मिशनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब ये हमारी नसों में भी दाखिल हो सकते हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि वैज्ञानिक अब ऐसे नैनोबॉट्स (Nanobots) बना चुके हैं जो इंसानी शरीर में जाकर काम कर सकते हैं और अगर चाहें तो किसी की याददाश्त तक मिटा सकते हैं।

    क्या होते हैं ये नैनोबॉट्स?

    नैनोबॉट्स बेहद छोटे रोबोट्स होते हैं। इतने छोटे कि उन्हें माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। इन्हें इंसानी शरीर में इंजेक्ट किया जा सकता है और फिर ये खून के जरिए शरीर के उस हिस्से तक पहुंच सकते हैं जहां इनकी जरूरत हो। ये नैनोबॉट्स दवाइयों को सटीक जगह पर पहुंचाकर इलाज को और ज्यादा असरदार बना सकते हैं।

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    कैसे करते हैं ये काम?
    कैसे करते हैं ये काम? - फोटो : AI

    कैसे करते हैं ये काम?

    स्कॉटलैंड की एडिनबरा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च के दौरान ऐसे नैनोबॉट्स तैयार किए हैं जो मैग्नेटिक फील्ड और मेडिकल इमेजिंग की मदद से शरीर के अंदर नेविगेट कर सकते हैं। ये बॉट्स एक खास कोटिंग से ढंके होते हैं जो तय तापमान पर पिघलती है और दवा को सीधे उस हिस्से में छोड़ती है जहां इलाज की जरूरत होती है।

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    इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि दवा पूरे शरीर में फैलने के बजाय सिर्फ उसी जगह पहुंचती है जहां जरूरत है, जिससे साइड इफेक्ट्स कम हो जाते हैं और इलाज ज्यादा प्रभावशाली होता है।

    नैनोबॉट्स का बढ़ रहा इस्तेमाल
    नैनोबॉट्स का बढ़ रहा इस्तेमाल - फोटो : AI

    लेकिन डर यहीं से शुरू होता है...

    सोचिए, अगर यही नैनोबॉट्स किसी गलत हाथ में चले जाएं? क्या हो अगर इनका इस्तेमाल किसी की याददाश्त मिटाने, सोचने का तरीका बदलने या दिमाग को कंट्रोल करने में किया जाए?

    वैज्ञानिकों का मानना है कि ये तकनीक जितनी मददगार है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है। कल्पना कीजिए बिना किसी बाहरी निशान के, किसी की सोच को बदल देना, उसे अपनी यादें खो देने पर मजबूर कर देना और ये सब किसी नैनोबॉट के जरिए किया जा सकता है।

    कौन-कौन से देश कर रहे हैं काम?

    चीन इस क्षेत्र में काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है और सर्जरी में नैनोबॉट्स के इस्तेमाल के मामले में भी वह आगे है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ देश इस तकनीक को सीक्रेट वेपन के तौर पर भी देख रहे हैं। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में नैनोबॉट्स का इस्तेमाल जासूसी, मानसिक नियंत्रण या यहां तक कि डिजिटल हथियार के तौर पर भी किया जा सकता है।

    इस बीच चर्चा ये भी है कि क्या पाकिस्तान जैसे देश भी इस तकनीक पर चुपचाप काम कर रहे हैं। हालांकि इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है, लेकिन ऐसी संभावनाएं इन बॉट्स को और भी ज्यादा रहस्यमय और डरावना बना देती हैं।

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