महंगे हो सकते हैं रिलायंस जियो के टैरिफ प्लान, ज्यादा खर्च के कारण कंपनी ले सकती है फैसला
प्रोजेक्ट्स पर सालाना 9 हजार करोड़ खर्च करेगी कंपनी
फरवरी में जियो आगे बढ़ी, एयरटेल स्थिर, वोडाफोन को नुकसान
फरवरी में जियो ने 80 लाख सब्स्क्राइबर जोड़े
जियो का सब्स्क्राइबर मार्केट शेयर 24% है।
एयरटेल का शेयर 32%, वोडाफोन-आइडिया का 37% है।
देश में मोबाइल सब्स्क्राइबर 118.4 करोड़ हैं। कई लोगों के पास एक से अधिक नंबर होते हैं।
3जी व 4जी मिलाकर देश में 53.2 करोड़ सब्स्क्राइबर हैं।
फरवरी में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के इस्तेमाल में 10% कमी आई।

विस्तार
यदि आप भी रिलायंस जियो के ग्राहक हैं तो आपको जल्द ही जोर का झटका धीरे से लग सकता है, क्योंकि खबर है कि जियो अपने टैरिफ प्लान की कीमत में इजाफा करने की तैयारी में है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस जियो इन्फोकॉम इस वित्त वर्ष में टैरिफ की कीमतें बढ़ा सकती है।
दरअसल मामला कुछ ऐसा है कि जियो को फाइबर और टावर लगाने में काफी खर्च लग रहा है। इसके अलावा कई सारे प्रोजेक्ट्स पर भी कंपनी का करीब 9 हजार करोड़ का सालाना खर्च हो रहा है। ऐसे में कंपनी अपनी सेवाओं की कीमतें बढ़ाने का फैसला ले सकती है। इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार जापान की सॉफ्टबैंक जियो में 14-21 हजार करोड़ निवेश कर सकती है।
गौरतलब है कि वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल जैसी कंपनियां भी पूंजी जमा करने के लिए योजनाएं बना रही हैं। ऐसे में जियो को भी अपनी प्लानिंग करनी होगी। कहा जा रहा है कि वोडाफोन-आइडिया व एयरटेल राइट इश्यू से कीरब 25-25 हजार करोड़ इकट्ठा करने में जुटी हैं।
बता दें कि अभी हाल ही में आई एक रिपोर्ट में सामने आया था कि जियो सिर्फ 600 रुपये में जियो गीगाफाइबर लॉन्च करेगा। इस कीमत पर ग्राहकों को ब्रॉडबैंड, लैंडलाइन और टीवी की सुविधा मिलेगी। इस प्लान के तहत ग्राहकों को अनलिमिटेड कॉलिंग भी मिलेगी।