जियो के 6 साल पूरे: 100 गुना बढ़ी डाटा की खपत, 5जी लॉन्च के बाद 2 गुना और बढ़ने की उम्मीद

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Sun, 04 Sep 2022 02:58 PM IST
सार

जियो यूजर्स हर महीने करीब 20 जीबी डाटा इस्तेमाल करते हैं। 4जी तकनीक और स्पीड में रिलायंस जियो का रिकॉर्ड शानदार रहा है। अब 5जी को लेकर भी कंपनी के बड़े प्लान सामने आ रहे हैं।

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Reliance Jio completes 6 years celebrating its launching big announcment by mukesh ambani jio 5g in india
Reliance Jio - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो, 5 सितंबर 2022 को अपने लॉन्च की छठी एनिवर्सरी मना रही है। इन छह वर्षों में टेलीकॉम इंडस्ट्री ने औसतन प्रतिव्यक्ति प्रतिमाह डाटा की खपत में 100 गुना से भी अधिक की वृद्धि दर्ज की है। ट्राई के मुताबिक, जियो के लॉन्च से पहले हर भारतीय ग्राहक एक महीने में मात्र 154 एमबी डाटा इस्तेमाल करता था। अब डाटा खपत का आंकड़ा 100 गुना बढ़कर 15.8 जीबी प्रतिमाह प्रतिग्राहक के आश्चर्यजनक स्तर पर जा पहुंचा है। वहीं जियो यूजर्स हर महीने करीब 20 जीबी डाटा इस्तेमाल करते हैं जो इंडस्ट्री के आंकड़े से कहीं अधिक है।

    हाल ही में मुकेश अंबानी ने दीवाली तक 5जी लॉन्च की घोषणा कर दी है। 5जी लॉन्च के बाद डाटा खपत में भी उछाल देखने को मिल सकता है। हालिया जारी एरिक्सन मोबिलिटी रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 5जी आने के बाद डाटा खपत अगले तीन साल में दोगुना से भी अधिक बढ़ जाएगी। जानकारों का मानना है कि 5जी तकनीक की हाई परफॉर्मेंस और हाई स्पीड की बदौलत नए उद्योग धंधे पनपेंगे जो बड़ी संख्या में यूजर्स को अपनी तरफ आकर्षित करेंगे। साथ ही वीडियो की मांग में भी तेज वृद्धि संभव है। जिससे डाटा की मांग और भी बढ़ेगी।

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    4जी तकनीक और स्पीड में रिलायंस जियो का रिकॉर्ड शानदार रहा है। अब 5जी को लेकर भी कंपनी के बड़े प्लान सामने आ रहे हैं। कनेक्टेड ड्रोन, कनेक्टेड एंबुलेंस-अस्पताल, कनेक्टेड खेत-खलिहान, कनेक्टेड स्कूल-कॉलेज, ई-कॉमर्स ईज, अविश्वसनीय स्पीड पर-एंटरटेनमेंट, रोबोटिक्स, क्लाउड पीसी, इमर्सिव टेक्नोलॉजी के साथ वर्चुअल थिंग्स जैसी तकनीकों में कंपनी महारथ हासिल कर रही है।

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    रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने छह साल पहले जियो को लॉन्च किया था और अब जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम के साथ दुनिया की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शुमार है। आज जियो भारत में 41 करोड़ 30 लाख मोबाइल व करीब 70 लाख जियोफाइबर ग्राहकों के साथ 36 फीसदी बाजार के हिस्से पर काबिज है। रेवेन्यू के मामले में इसका हिस्सा 40.3 फीसदी है। जियो की स्वदेशी 5जी तकनीक की बदौलत, आने वाले समय में क्या बदलाव आएंगे या आ सकते हैं, इसकी तस्वीर कंपनी के पिछले छह सालों की उपलब्धियों में दिखाई देती है।

    छह साल में क्या बदला?

    • जियो ने वॉयस कॉलिंग के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया। देश में जियो ने आउटगोइंग वॉयस कॉल को फ्री कर दिया, जिससे मोबाइल रखना आसान हो गया। मोबाइल बिलों में भी भारी कमी आई। जियो के आउटगोइंग कॉल फ्री करने से बाकी ऑपरेटरों पर भारी दवाब बना और उन्हें भी अपनी रणनीति में बदलाव कर दाम कम करने पड़े।
    • भारत में न केवल डाटा की खपत सबसे अधिक है, बल्कि डाटा की कीमतें भी पहले के मुकाबले कम हैं। जियो के लॉन्च के वक्त देश में एक जीबी डाटा की कीमत करीब 250 रुपये थी, जो अब 13 रुपये प्रतिजीबी है। यानी डाटा की कीमतें छह साल में करीब 95 फीसदी कम हुई हैं।
    • रिलायंस जियो के बाद भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा मिला। जियो के लॉन्च के वक्त यानी सितंबर 2016 में यूपीआई से केवल 32.64 करोड़ का ट्रांजैक्शन होता था, जबकि अगस्त 2022 में भारी इसमें भारी इजाफा देखने को मिला। आज देश में यूपीआई से 10.72 लाख करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन होता है।
    • पिछले छह सालों में ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर 19.23 करोड़ से बढ़कर करीब 80 करोड़ हो गए हैं। वहीं औसत इंटरनेट स्पीड भी पांच गुना बढ़कर 5.6 एमबीपीएस से 23.16 एमबीपीएस जा पहुंची है।
    • भारत अब 105 यूनीकॉर्न कंपनियों का घर है। जिनका वैल्यूएशन 338 अरब डॉलर से भी अधिक है। जबकि छह साल पहले भारत में केवल 4 यूनिकॉर्न कंपनियां ही थीं। बता दें कि 1 अरब डॉलर से अधिक नेटवर्थ वाली कंपनी को यूनीकॉर्न कहा जाता है।
    • जियोफाइबर से वर्क फ्रॉम होम, क्लास फ्रॉम होम या ई-शॉपिंग जैसी एक्टिविटी में मदद मिली है। तीन सालों में ही जियोफाइबर ने 70 लाख परिसर जोड़ें हैं। पिछले कुछ वर्षों में उभरी अनेकों इंटरनेट, ई-कॉमर्स, होम डिलिवरी और एंटरटेनमेंट कंपनियों ने हजारों-लाखों को काम दिया है।
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