रक्षम हैकथॉन 2026: एआई से साइबर ठगी और वॉइस क्लोनिंग रोकेंगे छात्र, आईआईटी दिल्ली-अमेजॉन दे रहे युवाओं को मौका
आईआईटी दिल्ली, अमेजॉन और I4C ने एआई स्कैम, वॉयस क्लोनिंग और डीपफेक से निपटने के लिए RAKSHAM Hackathon 2026 शुरू किया है। इसमें छात्र 2 से 4 सदस्यों की टीम बनाकर साइबर ठगी रोकने वाले AI टूल तैयार कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर है, जबकि टॉप 30 टीमों के लिए फाइनल 24 और 25 अक्टूबर को आईआईटी दिल्ली में होगा।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से होने वाली साइबर ठगी, वॉयस क्लोनिंग और डीपफेक जैसे खतरों से निपटने के लिए आईआईटी दिल्ली, अमेजन और इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने मिलकर नई पहल शुरू की है। तीनों संस्थानों ने 'रक्षम (RAKSHAM) – नेशनल एआई साइबर सिक्योरिटी हैकाथॉन 2026' लॉन्च किया है। इसमें देशभर के छात्र एआई आधारित ऐसे समाधान तैयार कर सकेंगे, जो ऑनलाइन फ्रॉड की पहचान करने और उसे रोकने में मदद करेंगे। रजिस्ट्रेशन और कॉन्सेप्ट जमा करने की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2026 है।
वॉयस क्लोनिंग और डीपफेक पर रहेगा फोकस
इस हैकाथॉन का मुख्य उद्देश्य AI के जरिए होने वाले साइबर अपराधों से निपटने के लिए नई तकनीक विकसित करना है। इसमें छात्रों को वॉयस क्लोनिंग फ्रॉड, AI स्कैम और डीपफेक जैसी समस्याओं पर काम करना होगा।
वॉयस क्लोनिंग में किसी व्यक्ति की आवाज की नकल करके लोगों को धोखा दिया जा सकता है। वहीं, डीपफेक के जरिए नकली वीडियो और ऑडियो तैयार किए जा सकते हैं। प्रतियोगिता में छात्रों को ऐसे AI आधारित प्रोटोटाइप बनाने होंगे, जो डिजिटल पेमेंट, वित्तीय लेनदेन और ऑनलाइन बातचीत के दौरान होने वाली धोखाधड़ी की पहचान कर सकें। इन समाधानों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा सके, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।
2 से 4 छात्रों की टीम ले सकेगी हिस्सा
RAKSHAM हैकाथॉन में 2 से 4 छात्रों की टीम हिस्सा ले सकती है। प्रोजेक्ट का मूल्यांकन उसकी तकनीकी क्षमता, वास्तविक इस्तेमाल की संभावना, जिम्मेदार AI के उपयोग और बड़े स्तर पर लागू किए जाने की क्षमता के आधार पर होगा। इस पहल से छात्रों को साइबर फ्रॉड जैसी वास्तविक समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान तैयार करने का मौका मिलेगा।
24-25 अक्टूबर को IIT दिल्ली में फाइनल
हैकाथॉन के लिए रजिस्ट्रेशन और कॉन्सेप्ट जमा करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 है। इसके बाद चुनी गई टॉप 30 टीमें फाइनल राउंड में पहुंचेंगी। यह मुकाबला 24 और 25 अक्टूबर को आईआईटी दिल्ली में होगा। यहां टीमों को 48 घंटे में अपने प्रोटोटाइप तैयार करने, उनका टेस्ट करने और विशेषज्ञों के सामने पेश करने होंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को अपने समाधान अमेजन संभव 2026 में दिखाने का मौका भी मिल सकता है।
क्या होगी IIT दिल्ली, अमेजॉन और I4C की भूमिका?
इस हैकाथॉन की मेजबानी आईआईटी दिल्ली कर रहा है, जबकि लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन भी इस पहल में सहयोग दे रहा है। अमेजन की ओर से छात्रों को तकनीकी मार्गदर्शन और जरूरी टेक्नोलॉजी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, I4C साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी विशेषज्ञता और जरूरी जानकारी साझा करेगा। RAKSHAM हैकाथॉन छात्रों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी वास्तविक समस्याओं पर काम करने और अपने एआई आधारित समाधानों को विशेषज्ञों के सामने पेश करने का मौका देगा।
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