PLI scheme: भारत में मोबाइल और पार्ट्स प्रोडक्शन के लिए 22 कंपनियों ने किया आवेदन

भारत सरकार ने विदेशी इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों को लुभाने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI) लॉन्च की है। इस योजना के तहत अभी तक 22 कंपनियों ने भारत में आकर मोबाइल प्रोडक्शन और पार्ट्स के उत्पादन करने के लिए आवेदन किया है।
ये कंपनियां अगले पांच साल में 11.5 लाख करोड़ रुपये कीमत का मोबाइल प्रोडक्शन करेंगी और इसी दौरान सात लाख करोड़ के मोबाइल पार्ट्स का भी उत्पादन होगा। इसकी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार में संचार, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और विधि एवं न्याय के कैबिनेट मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने दी।
PLI को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि यह स्कीम किसी भी देश के खिलाफ नहीं है, यह केवल भारत सकारात्मक है। मैं किसी देश का नाम नहीं लेना चाहता। देश की सुरक्षा और सीमावर्ती देशों के संबंध में यह स्कीम रोड़ा नहीं बनेगा।
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उन्होंने आगे कहा कि भारत आने वाली ये 20 कंपनियां तीन लाख डायरेक्ट और नौ लाख इन-डायरेक्ट जॉब प्रदान करेंगी। ये अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारत में 15,000 रुपये और उससे अधिक कीमत वाले फोन का निर्माण करेंगी, हालांकि उन्होंने इन 20 कंपनियों के नाम का खुलासा नहीं किया।
बता दें कि हाल ही में गूगल ने जियो के साथ मिलकर भारत में सस्ते एंड्रॉयड फोन लाने का वादा किया है। इसके अलावा एपल के आईफोन का निर्माण करने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने भारत में अपने प्रोडक्शन लाइन को विस्तार देने के लिए एक बिलियन डॉलर्स यानी करीब 7,500 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है।
फॉक्सकॉन के बाद पेगाट्रोन (Pegatron Corp) ने भी भारत में अपना प्लांट लगाने के लिए कहा है। पेगाट्रोन एपल के आईफोन का निर्माण करती है। इस साल के अंत तक अपने प्लांट के लिए भारत में निवेश की घोषणा कर सकती है। बता दें कि पिछले महीने ही भारत सरकार ने दुनिया की टॉप स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों के प्रोत्साहन के लिए 6.6 बिलियन डॉलर योजना का एलान किया है।