Phone Tracking: गुम स्मार्टफोन को खुद कीजिए ट्रैक, इसी हफ्ते नई फोन ट्रैकिंग प्रणाली शुरू कर सकती है सरकार
सी-डॉट के सीईओ व अध्यक्ष राजकुमार उपाध्याय ने बताया, पूरे देश के लिए तकनीक जारी करने के लिए तैयार हैं। हालांकि इसकी तारीख तय नहीं है। उन्होंने दावा किया, नई प्रणाली से चोरी के फोन का उपयोग पूरी तरह बंद हो जाएगा। ज्यादातर कंपनियां एंड्रायड फोन में ट्रैकिंग प्रणाली की सुविधा नहीं देती हैं।

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अगर आपका मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया है, तो उसे आप खुद ट्रैक कर सकेंगे और उसका दुरुपयोग रोकने के लिए ब्लॉक भी कर सकेंगे। इसके लिए सरकार नई ट्रैकिंग प्रणाली सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्ट्री (सीईआईआर) शुरू कर रही है। भारत सरकार के सेंटर फॉर डवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) की तकनीकी शाखा की विकसित यह प्रणाली इसी सप्ताह शुरू हो सकती है।
दूरसंचार विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इसे दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर-पूर्वी दूरसंचार सर्किल में परख लिया गया है। सी-डॉट के सीईओ व अध्यक्ष राजकुमार उपाध्याय ने बताया, पूरे देश के लिए तकनीक जारी करने के लिए तैयार हैं। हालांकि इसकी तारीख तय नहीं है। उन्होंने दावा किया, नई प्रणाली से चोरी के फोन का उपयोग पूरी तरह बंद हो जाएगा। ज्यादातर कंपनियां एंड्रायड फोन में ट्रैकिंग प्रणाली की सुविधा नहीं देती हैं।
फोन की क्लोनिंग पकड़ी जाएगी
सीईआईआर प्रणाली में दूरसंचार नेटवर्क कंपनियों की मदद से फोन की क्लोनिंग पकड़ी जा सकेगी। सरकार फोन बेचने से पहले अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान संख्या (आईएमईआई) अनिवार्य कर चुकी है। 15 अंकों की यह संख्या फोन उपकरण की विशिष्ट पहचान है। प्रमाणित आईएमईआई को दूरसंचार कंपनियां देख सकेंगी। उनके नेटवर्क का उपयोग कोई अप्रमाणित फोन करता है, तो पकड़ा जाएगा।
नकली आईएमईआई की भी पकड़
सीईआईआर की मदद से आईएमईआई और उससे लिंक फोन नंबर से कई राज्यों में चोरी हुए फोन तलाशे जा रहे हैं। गुम फोन की आईएमईआई बदलकर इस्तेमाल की सूचनाएं मिलती रहती हैं। साथ ही देश की सुरक्षा का भी मामला है। सीईआईआर से इसे रोका जा सकेगा।