Social Media: गूगल, मेटा, एक्स और स्नैपचैट की बढ़ सकती हैं मुश्किलें; संसदीय समिति ने किया तलब

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Tue, 28 Jul 2026 01:23 PM IST
सार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और डिजिटल नियमों को लेकर संसद की स्थायी समिति जल्द अहम बैठक करने जा रही है। इसमें गूगल, मेटा, एक्स और स्नैपचैट समेत कई बड़ी टेक कंपनियों और सरकारी मंत्रालयों से जवाब मांगा जाएगा।

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सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच होगी अहम बैठक - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    देश में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के रेगुलेशन को लेकर सरकार अब सख्त कदम उठाने जा रही है। संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने आगामी 3 अगस्त को एक बेहद अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में दिग्गज टेक कंपनियों- गूगल, मेटा (फेसबुक), एक्स (X) और स्नैपचैट के प्रतिनिधियों को तलब किया गया है। इसके साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी समिति के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।

    मेटा की गलती के बाद सरकार सख्त

    संसदीय समिति का यह कड़ा रुख ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में मेटा (फेसबुक) से जुड़ी एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली थी। बीते मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अहम वीडियो फेसबुक से अचानक हटा दिया गया था, हालांकि कुछ समय बाद इसे वापस रीस्टोर कर दिया गया। विवाद बढ़ता देख मेटा के एक प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा कि यह वीडियो 'तकनीकी खराबी' के कारण गलती से हट गया था।

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    पेपर लीक पर था प्रधानमंत्री का संदेश

    • 23 जुलाई को जारी इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार जेन-जी को सीधे संबोधित किया था। यह संदेश नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चले 36 दिन लंबे छात्र आंदोलन के दौरान दिया गया था।
    • अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने परीक्षा पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा था कि सरकार इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कानूनी व्यवस्था को और मजबूत करेगी। इसके तहत स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और कड़े दंड का प्रावधान करने की बात भी कही गई थी।
    • इसके बाद केंद्र सरकार ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' भी पेश किया, जिसमें पेपर लीक जैसे अपराधों के लिए 10 साल तक की जेल, अधिक आर्थिक दंड और विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों का प्रस्ताव रखा गया है।

    यह भी पढ़ें: Meta: PM मोदी का वीडियो हटाने पर मेटा ने मांगी माफी, कहा- तकनीकी गड़बड़ी से हुई थी गलती; सरकार ने किया था तलब

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    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ आंदोलन

    25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन समाप्त हो गया। इसके साथ ही केंद्र सरकार, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी। समझौते के तहत प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, पुलिस कार्रवाई से राहत देने और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने पर सहमति बनी।

    दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बीच होगी बैठक

    • संसदीय समिति की यह बैठक ऐसे समय भी हो रही है, जब दिल्ली पुलिस ने हाल ही में कई सोशल मीडिया कंपनियों को प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों वाले पोस्ट और वीडियो हटाने के निर्देश दिए हैं। ये पोस्ट जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन और 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा से जुड़े बताए गए हैं।
    • दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उसकी सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम लगातार विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर नजर रख रही है। आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर संबंधित कंपनियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि कई पोस्ट और वीडियो पहले ही हटाए जा चुके हैं, जबकि ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी अभी भी जारी है।
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