AI Jobs: एआई ऑफिस में करने वाला है बड़ा उलटफेर! क्या 'सुपर एआई' मॉडल से खतरे में पड़ेगी वाइट-कॉलर जॉब?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ मददगार टूल नहीं रह गया है। OpenAI एक ऐसा एडवांस AI सिस्टम तैयार कर रहा है, जो ऑफिस के रोजमर्रा के काम इंसानों से ज्यादा बेहतर कर सकेगा। इससे वाइट-कॉलर जॉब्स पर बड़ा असर पड़ सकता है।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक ऐसा बदलाव होने जा रहा है, जो आने वाले समय में ऑफिस में काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। Wired की रिपोर्ट के मुताबिक, ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI एक बेहद एडवांस AI सिस्टम पर काम कर रही है, जो इंसानों की तरह नहीं, बल्कि उनसे भी बेहतर तरीके से ऑफिस के लगभग हर रोजमर्रा के काम खुद करने में सक्षम होगा।
असल ऑफिस वर्क से ट्रेन हो रहा है नया AI
इस नए सिस्टम को तैयार करने के लिए OpenAI इंसानों के वास्तविक कामकाज से जुड़े डेटा का इस्तेमाल कर रही है। इसके लिए कंपनी ने ‘हैंडशेक AI’ नाम की फर्म के साथ साझेदारी की है। इस पार्टनरशिप के तहत अलग-अलग प्रोफेशन से जुड़े कॉन्ट्रैक्टर्स से उनके पुराने और मौजूदा ऑफिस टास्क का डेटा इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि AI यह समझ सके कि असल दुनिया में काम कैसे पूरे किए जाते हैं।
दो तरह के डेटा से सिखाया जा रहा है काम
OpenAI ने कॉन्ट्रैक्टर्स से खासतौर पर दो तरह की जानकारी मांगी है। पहला, ‘टास्क रिक्वेस्ट’, यानी मैनेजर या टीम मेंबर की ओर से दिया गया वह निर्देश जिसमें किसी काम को करने को कहा गया हो। दूसरा, ‘टास्क डिलिवरेबल’, यानी उस निर्देश के जवाब में तैयार किया गया असली काम, जैसे वर्ड फाइल, पीडीएफ, पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन, एक्सेल शीट या इमेज। कंपनी चाहती है कि AI ऐसे जटिल काम भी सीखे, जिन्हें पूरा करने में इंसानों को घंटों या कई दिन लग जाते हैं।
AI इंसानों से बेहतर कैसे बनेगा?
टेक इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि AI का यह तेजी से बढ़ता दखल वाइट-कॉलर जॉब्स के लिए चुनौती बन सकता है। OpenAI का अंतिम लक्ष्य आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस यानी AGI हासिल करना है, जिसमें AI इंसानों की तरह सोचने और फैसले लेने में सक्षम हो जाए।
इन 5 सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर की आशंका
- डेटा एंट्री और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल्स में AI पहले ही इंसानों से ज्यादा तेजी और सटीकता दिखा रहा है। एक्सेल मैनेजमेंट, शेड्यूलिंग और डेटा ऑर्गेनाइजेशन जैसे काम AI एजेंट्स पूरी तरह संभाल सकते हैं।
- कंटेंट राइटिंग और बेसिक कोडिंग में भी जूनियर लेवल की नौकरियों पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि कंपनियां अब कम लोगों और AI की मदद से ज्यादा काम निकाल रही हैं।
- कस्टमर सपोर्ट और कॉल सेंटर्स में AI चैटबॉट्स पहले से ज्यादा इंसानी अंदाज में बातचीत करने लगे हैं, जिससे शिकायतों का समाधान आसान हो रहा है।
- लीगल और पैरालीगल वर्क में डॉक्यूमेंट रिव्यू, रिसर्च और ड्राफ्टिंग जैसे काम AI मिनटों में कर सकता है।
- फाइनेंस और अकाउंटिंग सेक्टर में भी बहीखाता, टैक्स कैलकुलेशन और ऑडिटिंग जैसे कामों में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
टिके रहने के लिए क्या करें?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI से डरने के बजाय उसे अपना पार्टनर बनाना जरूरी है। अपने फील्ड से जुड़े AI टूल्स सीखना अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन गया है। इसके साथ ही सॉफ्ट स्किल्स, जैसे टीम मैनेजमेंट, लीडरशिप और नेगोशिएशन पर फोकस करना होगा। क्रिटिकल थिंकिंग और लगातार नई स्किल्स सीखते रहना ही आने वाले समय में नौकरी को सुरक्षित रखने का सबसे मजबूत तरीका माना जा रहा है।
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