टेक विवाद: एपल के ट्रेड सीक्रेट आरोपों पर ओपनएआई का पलटवार, कहा- अपनी गलतियों का दोष दूसरों पर मढ़ रही कंपनी

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Tue, 01 Sep 2026 04:46 PM IST
सार

एपल और सैम ऑल्टमैन की कंपनी ओपनएआई के बीच छिड़ी कॉर्पोरेट वॉर अब अदालत में बेहद तीखी हो गई है। जुलाई में एपल की ओर से लगाए गए ट्रेड सीक्रेट चोरी के आरोप पर ओपनएआई ने कैलिफोर्निया की अदालत में जवाब दाखिल कर सभी आरोपों से साफ इंकार किया है। उल्टा ओपनएआई ने एपल की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि टेक दिग्गज कंपनी अपनी गलतियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रही है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन
OpenAI Counters Apple Lawsuit, Denies Trade Secret Theft, Blames iPhone Maker’s Policies
ओपनएआई और एपल के बीच बढ़ा विवादओपनएआई और एपल के बीच बढ़ा विवाद - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    दो साल पहले जिन दो दिग्गजों के बीच साझेदारी हुई थी, आज वही अदालत में आमने-सामने हैं। जुलाई 2026 में एपल ने ओपनएआई और अपने पूर्व कर्मचारियाें टैंग टैन और चांग लियू पर अदालत में केस दर्ज कराया था। एपल का कहना था कि हार्डवेयर डिवाइसेज के बाजार में उतर रही ओपनएआई ने उसके पूर्व अधिकारियों के जरिए हार्डवेयर डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन से जुड़े अति-संवेदनशील ट्रेड सीक्रेट्स चुराए हैं।

    ओपनएआई ने आरोपों को बताया गलत?

    • ओपनएआई ने कैलिफोर्निया के सैन जोस स्थित यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर याचिका में एपल के आरोपों को खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि एपल यह साबित करने में नाकाम रहा है कि उसके पूर्व कर्मचारियों ने कोई गोपनीय जानकारी चुराई थी।
    • ओपनएआई ने अपनी फाइलिंग में यह भी कहा कि यह विवाद एपल की खुद की गलतियों का नतीता है और अब कंपनी दूसरों पर दोष डालने की कोशिश कर रही है।
    • इतना ही नहीं ओपनएआई के अनुसार, एपल इस मुकदमे का इस्तेमाल अपने संभावित प्रतिद्वंद्वी को धीमा करने और कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने से रोकने के लिए कर रहा है। दोनों कंपनियों की कोर्ट फाइलिंग्स के मुताबिक, ओपनएआई ने अपने हार्डवेयर इनिशिएटिव के लिए एपल से करीब 400 कर्मचारियों की भर्ती की है।
    • ओपनएआई का कहना है कि कैलिफोर्निया का कानून कर्मचारियों को अपनी इच्छा से दूसरी कंपनियों में जाने की अनुमति देता है। कंपनी का तर्क है कि किसी कर्मचारी का एपल छोड़कर ओपनएआई जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनी में जाना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है।
    • ओपनएआई ने अपनी दलील में एपल की हीआंतरिक प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठा दिए हैं। कंपनी का कहना है कि एपल अपने कर्मचारियों को पर्सनल आईक्लाउड अकाउंट्स का इस्तेमाल करके एपल के वर्क डॉक्यूमेंट्स एक्सेस करने और उन पर काम करने की अनुमति देता है।
    • ओपनएआई के अनुसार, ऐसी व्यवस्था की वजह से जब कोई कर्मचारी कंपनी छोड़ता है तो उसकी व्यक्तिगत जानकारी और कंपनी की जानकारी को अलग करना मुश्किल हो सकता है।

    कंपनी छोड़ते ही कर्मचारियों को परिसर से बाहर करने का आरोप

    • इतना ही नहीं ओपनएआई ने कोर्ट में एपल की एक और प्रतिक्रिया का जिक्र किया। कंपनी का कहना है कि एपल की नीति कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने पर उन्हें तुरंत परिसर से बाहर करने की है।
    • ओपनएआई के मुताबिक, इससे कर्मचारियों को कंपनी के डिवाइसेज वापस करने, इंटरनल फाइल्स को कंपनी को ट्रांसफर करने या अपनी जिम्मेदारियां दूसरे कर्मचारियों को सौंपने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। ओपनएआई का तर्क है कि ऐसी प्रक्रियाओं के लिए बाद में किसी पूर्व कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

    चांग लियू ने एक्सेस को लेकर क्या कहा?

    फाइलिंग में चांग लियू ने भी अपना पक्ष रखा और कहा कि एपल के डॉक्यूमेंट्स तक उनके जाने के बाद हुआ कोई भी एक्सेस पूर्व एपली सहयोगियों की मदद के लिए था। उनके मुताबिक, यह एक्सेस फाइल्स ढूंढने या एपल के काम से जुड़े सवालों के जवाब देने में मदद करने के लिए किया गया था। इतना ही नहीं लियू ने यह भी कह कि एपल के कर्मचारी उनके कंपनी छोड़ने के बाद भी उनसे कई बार मदद के लिए संपर्क करते रहे।

    विज्ञापन

    टैंग टैन ने भी आरोपों से किया इनकार

    • वहीं, एपल कंपनी में 24 साल तक काम कर चुके टैंग टैन ने भी अपने बयान में आरोपों से इंकार किया। टैन ने कहा कि एपल छोड़ने से पहले उन्होंने कंपनी के प्रोटोटाइप्स वापस कर दिए थे।
    • उनका कहना है कि उनके पास केवल गैर-गोपनीय सामग्री बची थी। इसमें एक इंप्लोय डिपार्टचर चेकलिस्ट भी शामिल थी, जिसे उन्होंने गोपनीय दस्तावेज नहीं बताया।

    दो साल पहले दोनों कंपनियां थीं पार्टनर

    यह विवाद इसलिए भी काफी चर्चा का विषय है क्योंकि यह दोनों कंपनियों के रिश्ते दो साल पहले तक काफी अच्छे हुआ करते थे। इनके बीच हुई पार्टनरशिप का उद्देश्य चैटजीपीटी की पहुंच बढ़ाना और एपल को एआई के क्षेत्र में मजबूत स्थिति दिलाना था। लेकिन एआई इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ दोनों कंपनियों के रिश्ते तेजी से खराब हुए और अब मामला कोर्ट तक पहुंच गया है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    ओपनएआई ने एपल पर साधा सीधा निशाना

    • अब ओपनएआई ने अपनी कोर्ट फाइलिंग में एपी की रणनीति पर तीखा सवाल उठाया। कंपनी का कहना है कि एपल जैसी कंपनी को छोड़कर कोई कर्मचारी एआई को अपनाने में संघर्ष कर रही कंपनी से निकलकर ऐसे स्टार्टअप में जा सकता है, जहां उसे इनोवेटिव प्रोडक्ट्स पर काम करने का मौका मिले।
    • ओपनएआई का तर्क है कि एपल को कर्मचारियों के ऐसे फैसले पसंद नहीं आ सकते, लेकिन वह इन फैसलों को गैरकानूनी नहीं बता सकता। कंपनी ने यह भी कहा कि एपल अपनी ही लापरवाह प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करके अपनी गड़बड़ी के लिए दूसरों को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता।

    अब विवाद सिर्फ ट्रेड सीक्रेट तक सीमित नहीं

    • हालांकि विवाद को देखते हुए कहा जा रहा है कि अब यह मामला सिर्फ कथित ट्रेड सीक्रेट चोरी तक सीमित नहीं रह गया है। इसके केंद्र में कर्मचारियों की भर्ती, कंपनी की डेटा-हैंडलिंग प्रक्रिया, एआई हार्डवेयर की दौड़ और दोनों कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी आ गई है।
    • एक तरफ एपल अपने हार्डवेयर और सप्लाई-चेन से जुड़ी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो दूसरी तरफ ओपनएआई का कहना है कि एपल उसके हार्डवेयर विस्तार और कर्मचारियों की भर्ती को रोकने के लिए मुकदमे का इस्तेमाल कर रहा है।
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें