Ola-Uber: किराए में अंतर का विवाद ही आधारहीन है, सच्चाई कुछ और है जिस पर किसी का ध्यान नहीं

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 23 Jan 2025 05:57 PM IST
सार

Ola-Uber पर किराए को लेकर चल रहा विवाद पूरी तरह से आधारहीन है, क्योंकि किराया फोन के मॉडल पर नहीं, बल्कि कई सारी चीजें पर निर्भर करता है जिसमें आपकी रेटिंग भी शामिल है। जिन बातों पर किराया निर्भर करता है, उस पर तो बात ही नहीं हो रही है।

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OLA UBER PRICE - फोटो : adobe stock

    विस्तार

    कैब एग्रीगेटर्स Ola-Uber के किराए में अंतर को लेकर लंबे समय से विवाद हो रहा है, लेकिन अब इस विवाद ने एक नया रूप ले लिया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के जरिए गुरुवार को कैब एग्रीगेटर्स ओला और उबर को अलग-अलग मूल्य निर्धारण को लेकर नोटिस जारी किया। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने अलग-अलग मोबाइलों, यानी एंड्रॉयड और/या आईफोन पर अलग-अलग कीमतों के दावों के बाद सोशल मीडिया एक्स पर यह बात साझा की।

    आधारहीन है पूरा विवाद

    OLA UBER PRICE
    OLA UBER PRICE - फोटो : अमर उजाला

    दरअसल Ola-Uber में किराया तय करने का कोई तय पैमाना नहीं है। एक ही जगह का अलग-अलग किराया फोन के मॉडल पर निर्भर करता है या नहीं, यह जांच का विषय है लेकिन यह बात पर जरूर निर्भर करता है कि ग्राहक कितना पुराना है। इसके अलावा कई बार Ola-Uber अपने ग्राहकों को प्रमोशनल ऑफर देती हैं जो ऑटोमैटिक किराए में अप्लाई हो जाते हैं और किराया कम हो जाता है। ऊपर की तस्वीर को देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि दोनों में किराया अलग-अलग है, लेकिन ध्यान से देखेंगे तो एंड्रॉयड वाले यूजर को 25% प्रोमो ऑफर मिला है लेकिन आईफोन को नहीं मिला है।

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    इसके अलावा किराया यूजर की रेटिंग पर भी निर्भर करता है। यदि आप बार-बार कैब कैंसिल करते हैं तो आपके लिए किराया अधिक हो सकता है। आपने ध्यान दिया होगा कि गूगल पे पर नए यूजर्स को कैशबैक मिलता है लेकिन पुराने यूजर्स को जो कैशबैक मिलते हैं वो किसी काम के नहीं होते हैं।

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