जेन्सन हुआंग का अनोखा अंदाज: नौकरी छोड़ने पर नाराज नहीं होते एनवीडिया सीईओ, घंटों देते हैं करियर की सलाह
आमतौर पर देखा जाता है कि टेक लीडर्स कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों से नाराजगी जताते हैं या उनसे दूरी बना लेते हैं, लेकिन एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग ऐसा करने के बजाय उनके मेंटर बन जाते हैं। हाल ही में उन्होंने इस्तीफा देकर अपना स्टार्टअप शुरू करने वाले दो कर्मचारियों को बेहतरीन सलाह दी और उनकी कंपनी में 541 करोड़ रुपये का भारी निवेश भी किया। जानिए हुआंग की सोच सिलिकॉन वैली के अन्य टेक लीडर्स से कैसे अलग है...

विस्तार
दुनिया की सबसे बड़ी और मूल्यवान सेमीकंडक्टर और एआई कंपनी एनवीडिया की नौकरी छोड़ना किसी भी पेशेवर इंजीनियर के लिए एक बहुत बड़ा और जोखिम भरा कदम माना जाता है। लेकिन जब बात एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग की आती है, तो उनका रवैया सिलिकॉन वैली के बाकी दिग्गजों से बिल्कुल अलग और चौंकाने वाला होता है। जेन्सन हुआंग अपने कर्मचारियों के लिए सिर्फ एक बॉस नहीं, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक हैं जो कंपनी छोड़ने वालों को भी कामयाबी का असली मंत्र देते हैं।
नौकरी छोड़ने की खबर पर नहीं हुए नाराज
- एनवीडिया की रोबोटिक्स टीम से जुड़े डेविड होएलर और निकिता रुडिन ने जब अपना स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया, तो उन्होंने देर रात म्यूनिख से जेन्सन हुआंग को फोन किया। दोनों को अंदेशा था कि इतनी बड़ी कंपनी छोड़ने की बात सुनकर सीईओ नाराज हो सकते हैं। लेकिन हुआंग की प्रतिक्रिया बिल्कुल अलग थी। उन्होंने दोनों को रोकने की कोशिश नहीं की। इसके बजाय उन्होंने उनसे नए वेंचर का नाम पूछा और उसपर अपनी प्रतिक्रिया भी दी।
- दोनों संस्थापकों ने अपने स्टार्टअप का नाम 'चेकपॉइंट' रखा था। हुआंग को यह नाम बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने बेहद सीधे अंदाज में कहा कि नाम अच्छा नहीं है और इसे बदल देना चाहिए। संस्थापकों ने उनकी सलाह मानी और कंपनी का नया नाम 'फ्लेक्सियन रोबोटिक्स' रखा। लेकिन हुआंग की भूमिका सिर्फ नाम बदलने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने दोनों को यह भी साफ शब्दों में समझाया कि स्टार्टअप बनाना उनकी कल्पना से कहीं ज्यादा कठिन होने वाला है।
पूर्व कर्मचारियों की नई कंपनी में किया बड़ा निवेश
- जेन्सन हुआंग की दरियादिली सिर्फ सलाह देने तक ही सीमित नहीं रही। उन्होंने ज्यूरिख स्थित फ्लेक्सियन रोबोटिक्स में 5.7 करोड़ डॉलर यानी करीब 541.5 करोड़ रुपये का भारी भरकम निवेश भी किया। यह घटना दिखाती है कि हुआंग अपने पूर्व कर्मचारियों की सफलता में कितना गहरा विश्वास रखते हैं।
- रिपोर्ट के मुताबिक, एनवीडिया में कर्मचारियों के इस्तीफा देने पर हुआंग उनसे सीधे बातचीत करते हैं। कई बार यह बातचीत करीब दो घंटे तक चलती है। इस दौरान वह सिर्फ यह नहीं पूछते कि कर्मचारी कंपनी क्यों छोड़ रहा है। वह उसके आगे के प्लान, करियर की दिशा और उन कमियों पर भी बात करते हैं, जिन्हें कर्मचारी को दूर करने की जरूरत हो सकती है।
सिलिकॉन वैली के सबसे अनोखे सीईओ
बड़ी टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों तक कर्मचारियों की सीधी पहुंच आमतौर पर आसान नहीं होती। ऐसे माहौल में जेन्सन हुआंग कर्मचारियों के प्रति काफी अलग रवैया रखते हैं। वह कर्मचारियों को औपचारिक विदाई देने के बजाय खुलकर बात करने और जरूरी सलाह देने पर जोर देते हैं। यही वजह है कि एनवीडिया छोड़ चुके कुछ कर्मचारी उन्हें सिर्फ अपना पूर्व बॉस नहीं, बल्कि एक मेंटर के रूप में भी देखते हैं।
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