निजता: अब आसान नहीं होगी आईफोन यूजर्स की ट्रैकिंग, एपल ने अपडेट आईओएस 14.5 में नया प्राइवेसी टूल जोड़ा

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विज्ञापन कंपनियां और फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे एप अब आईफोन और आईपैड यूजर्स की निजता में आसानी से सेंध नहीं लगा पाएंगे। एपल ने अपने नए सॉफ्टवेयर अपडेट आईओएस 14.5 में एप ट्रैकिंग पर अंकुश लगाने के लिए नया प्राइवेसी टूल जोड़ा है। इससे एप या वेबसाइट द्वारा दूसरी कंपनियों से विज्ञापनों के लिए साझा किए जाने वाले निजी डाटा पर यूजर्स का खुद का नियंत्रण होगा। साथ ही उनकी लोकेशन भी कंपनियों के पास नहीं पहुंच पाएगी।
इस तरह करेगा काम
जब कोई एप विज्ञापनदाता कंपनी से निजी जानकारी साझा करने के लिए यूजर की गतिविधि पर नजर रखना चाहेगा तो इसे आईफोन या आईपैड इस्तेमाल करने वाले से इजाजत लेनी होगी। यूजर के न कहने पर एप को ट्रैकिंग छोड़ते हुए डाटा शेयरिंग बंद करनी पड़ेगी। वहीं, यूजर ने मंजूर (अलाउ) का विकल्प चुना तो पहले की तरह उसकी ट्रैकिंग होती रहेगी और विज्ञापन आते रहेंगे।
फिंगरप्रिंटिंग अपना लेंगी कंपनियां
निजता शोधकर्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन विज्ञापन कंपनियों के पास यूजर्स का पीछा करने के और भी तरीके हैं। एपल के डिवाइस आइडेंटिफायर से बचकर वह फिंगरप्रिंटिंग का इस्तेमाल करके भी विज्ञापन दे सकते हैं। ऐसे में एपल यूजर्स की ट्रैकिंग पूरी तरह रोकना मुश्किल है।
जबरन ट्रैकिंग की तो एप स्टोर से हटेगा
हालांकि कुछ जानकार एफल के इस कदम को सराहनीय मान रहे हैं। उनका कहना है कि एप ट्रैकिंग ट्रांसपेरेंसी जैसे फीचर के बाद एप के लिए यूजर्स की सहमति जरूरी हो जाएगी। उनके इनकार करने पर भी वे ट्रैकिंग करेंगे तो उन्हें एपल अपने एप स्टोर से हटा सकता है। वैसे, एपल के नए इस फीचर पर फेसबुक ने भारी आपत्ति जताई थी, क्योंकि उसका व्यापार ही यूजर्स डाटा पर टीका है।
मास्क के बावजूज अनलॉक होगा फोन
एपल ने अपडेट में दो अन्य खास फीचर भी दिए हैं। यूजर्स अब सीरी द्वारा थर्ड पार्टी एप से गाने बजा सकते हैं। साथ ही चेहरे पर मास्क होने के बावजूद फोन फौरन अनलॉक हो जाएगा।