Neuralink: एलन मस्क के न्यूरालिंक डिवाइस ने किया कमाल! ब्रेन चिप से बंदर ने देखा काल्पनिक दृश्य

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Sun, 15 Jun 2025 12:13 PM IST
सार

Neuralink BlinSight Chip:

एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक ने एक नई तकनीक के जरिए एक बंदर को ऐसी चीजें देखने में सक्षम बना दिया जो वास्तव में वहां नहीं थीं। यह तकनीक दृष्टिहीन लोगों को देखने की क्षमता देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

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न्यूरालिंक बना रहा है ब्रेन इम्प्लांट डिवाइस - फोटो : AI

    विस्तार

    एलन मस्क की न्यूरालिंक कॉर्पोरेशन ने एक बड़ा वैज्ञानिक दावा किया है। कंपनी ने एक ऐसे ब्रेन इम्प्लांट डिवाइस का सफल परीक्षण किया है, जो मस्तिष्क के विजुअल हिस्सों को उत्तेजित कर उस दृश्य की कल्पना करवा सकता है जो वहां असल में मौजूद नहीं है। इस तकनीक का नाम है 'Blindsight' और यह नेत्रहीनों को देखने की नई उम्मीद दे सकती है।

    न्यूरालिंक के इंजीनियर जोसेफ ओ'डोहार्टी ने बताया कि परीक्षण के दौरान बंदर ने दो-तिहाई बार उन वस्तुओं की ओर आंखें घुमाईं, जिन्हें वैज्ञानिकों ने दिमाग को भ्रमित कर दिखाने की कोशिश की। इस प्रयोग को हाल ही में एक कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक किया गया है।

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    मिल सकती है मानव परीक्षण की मंजूरी

    ओ'डोहार्टी के मुताबिक, यह डिवाइस फिलहाल अमेरिकी एजेंसियों से मानव परीक्षण की मंजूरी का इंतजार कर रही है। मस्क का कहना है कि इसका शुरुआती लक्ष्य दृष्टिहीन लोगों को देखने में मदद करना है, जबकि दीर्घकालिक लक्ष्य ‘इन्फ्रारेड’ जैसी सुपरह्यूमन दृष्टि प्रदान करना है।

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    इंसानों में भी हो रहा न्यूरालिंक का परीक्षण

    अब तक पांच लोग न्यूरालिंक इम्प्लांट के साथ जी रहे हैं। इनमें से तीन को 2024 में और दो को 2025 में डिवाइस लगाई गई थी। ये यूजर्स हर हफ्ते करीब 60 घंटे तक डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, स्पाइनल कॉर्ड स्टिम्युलेशन की दिशा में भी बंदरों पर प्रयोग किए जा रहे हैं जिससे भविष्य में लकवाग्रस्त लोग चलने-फिरने में सक्षम हो सकें।

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