Internet: बहुभाषी हो रहा इंटरनेट, विशेषज्ञ ने कहा- अगले एक अरब इंटरनेट यूजर्स होंगे गैर अंग्रेजी भाषी
वर्तमान में दुनियाभर में लगभग पांच बिलियन यानी पांच अरब इंटरनेट यूजर्स हैं, और कम से कम एक बिलियन और ऑनलाइन आने की उम्मीद है। इनमें से अधिकांश संभावित नए यूजर्स उन देशों में रहते हैं जो अंग्रेजी में नहीं बोलते और लिखते हैं।

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डिजिटल वर्ल्ड और सोशल मीडिया के जमाने में हर कोई इंटरनेट पर एक्टिव है। पहले कहा जाता था कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए अंग्रेजी भाषा जानना जरूरी है। लेकिन अब परिभाषा बदल रही है। इंटरनेट अब बहुभाषी हो रहा है। यानी अंग्रेजी के साथ गैर अंग्रेजी भाषा में भी इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञ का मानना है कि अगले एक अरब इंटरनेट यूजर्स गैर-अंग्रेजी भाषी होंगे। यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस (यूए) के राजदूत सुशांत सिन्हा का कहना है कि इंटरनेट को अधिक बहुभाषी और समावेशी बनाना चाहिए।
सुशांत सिन्हा का कहना है कि अगले एक अरब इंटरनेट यूजर्स उन देशों से आने की संभावना है जो अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओं में बोलते और लिखते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों और संगठनों के लिए अधिक समावेशी और बहुभाषी ऑनलाइन स्थान विकसित करने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दो वैश्विक संगठन इंटरनेट कॉरपोरेशन फॉर असाइंड नेम्स एंड नंबर्स (आईसीएएनएन) और यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस स्टीयरिंग ग्रुप (यूएएसजी) इंटरनेट को और अधिक एकीकृत बनाने के लिए काम कर रहे हैं जो भाषाओं और स्क्रिप्ट की एक बड़ी सीरीज का समर्थन करता है। इस उद्देश्य का पहला बड़ा कदम इंटरनेट की सार्वभौमिक स्वीकृति (यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस) है।
यूए के राजदूत सिन्हा ने कहा कि यह एक तकनीकी आवश्यकता है जो यह सुनिश्चित करती है कि सभी वैध डोमेन नाम और ईमेल पते सभी इंटरनेट-सक्षम एप्लिकेशन, डिवाइस और सिस्टम द्वारा उपयोग किए जा सकें। आईसीएएनएन और यूएएसजी ग्लोबल इंटरनेट कम्युनिटी से भागीदारी की मांग करते हुए 28 मार्च को यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस दिवस मना रहे हैं।
शीर्ष आईटी पेशेवर सिन्हा, जो कंप्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया के संरक्षक भी हैं, ने कहा कि लगभग 50 यूए दिवस कार्यक्रम 40 से अधिक देशों में आयोजित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इसी तरह का एक कार्यक्रम 21 मार्च को कोलकाता में निर्धारित किया गया है, जहां सरकारी अधिकारियों सहित हितधारक बहुभाषी इंटरनेट पर चर्चा और विचार-विमर्श करेंगे।