Mobile Tariff Hike: 2023 में महंगे होंगे मोबाइल बिल! इतनी बढ़ सकती है टैरिफ प्लान्स की कीमत, जानें क्या है वजह
ब्रोकरेज हाउस आईआईएफएल सिक्योरिटिज ने भी एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी हो सकती है।

विस्तार
नए साल में मोबाइल बिल के मामले में आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ आ सकता है। टेलीकॉम कंपनियां इस साल अपने मोबाइल टैरिफ प्लान्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। ये भी दावा किया जा रहा है कि कंपनियां इस साल अपने 5G प्लान्स को लॉन्च करेंगी, जो कि बढ़ी हुई कीमत के साथ आएंगे। टेलीकॉम कंपनियां प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के प्लान में बढ़ोतरी कर सकती हैं। हालांकि, इसके कई कारण हैं। चलिए मूल्य वृद्धि के पीछे के कारणों को समझने की कोशिश करते हैं और ये भी जानेंगे कि टैरिफ प्लान्स की कीमतें कब तक बढ़ सकती हैं।
टेलीकॉम कंपनियों ने भारत में 5जी सर्विस प्रोवाइड करने के लिए भारी भरकम निवेश किया है, जिसके चलते भी 5G प्लान को महंगा किया जाएगा। भले ही 5G प्लान्स उतने महंगे न हो लेकिन इसकी कीमत 4जी प्लान से तो ज्यादा होने ही वाली है। कहा जा रहा है कि टेलीकॉम कंपनियां प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी कर सकती हैं।
ब्रोकरेज हाउस आईआईएफएल सिक्योरिटीज ने भी एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, निकट भविष्य में 5जी से जुड़े प्रति यूजर्स औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़ना बहुत कठिन है। ये भी कारण है कि 4जी प्रीपेड टैरिफ वृद्धि टेलीकॉम के लिए सबसे महत्वपूर्ण एआरपीयू लीवर बनी हुई है। यानी 2023 के मध्य में 4जी प्रीपेड टैरिफ प्लान्स में भी बढ़ोतरी की ज्यादा संभावना देखते मिलती है।
ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि 2023 में टेलीकॉम कंपनियों के पास 4जी टैरिफ को बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि अगले साल यानी 2024 के लोकसभा चुनाव के नजदीक टैरिफ की कीमतों में बढ़ोतरी से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का खतरा बढ़ सकता है।