टेलीकॉम कंपनियों की सेवा से ग्राहक नाराज, सिर्फ जुलाई में MNP के लिए आए 48.3 लाख आवेदन

बुधवार को ही दूरसंचार नियामक ट्राई ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी को लेकर उपभोक्ताओं को बड़ा तोहफा दिया। ट्राई ने पोर्टेबिलिटी के नियमों में बदलाव से जुड़ा मसौदा जारी कर दिया है। इसके लागू होने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी का काम 72 घंटों के अंदर करना होगा। वहीं अनुचित कारणों से आवेदन को खारिज करने पर टेलीकॉम कंपनियों पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगेगा।
आंकड़ों पर एक नजर
आंकड़ों की बात करें तो जुलाई 2018 तक मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए 3,910 लाख आवेदन दिए गए हैं। सिर्फ जुलाई में 48.3 लाख लोगों ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए आवदेन किया है। देशभर में कुळ उपभोक्ताओं की बात करें तो जुलाई 2018 तक इनकी संख्या 1179.32 लाख थी। यह संख्या लैंडलाइन और मोबाइल दोनों उपभोक्ताओं की है। वहीं केवल मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या जुलाई 2018 तक 1157.04 लाख थी।

टेलीकॉम कंपनियों की बाजार में हिस्सेदारी
देशभर में टेलीकॉम कंपनियों की हिस्सेदारी की बात करें तो एयरटेल की हिस्सेदारी 29.81 फीसदी, रिलायंस जियो की 19.62, वोडाफोन की 19.30, आइडिया की 19.07 और बीएसएनएल की हिस्सेदारी 9.80 प्रतिशत है।
बता दें कि नए नियम में पोर्टेबिलिटी आवेदक को पहले 24 घंटे तक आवेदन को वापस लेने की छूट मुहैया कराई गई है। हालांकि आवेदन के 72 घंटों में टेलीकॉम कंपनी को पोर्टेबिलिटी करना होगा। इसके अलावा किसी भी सूरत में यह पाया गया कि सेवा प्रदाता द्वारा अनुचित कारणों से आवेदन को खारिज किया गया है तो 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।