Cement Battery: अब कंक्रीट की दीवारों में स्टोर होगी बिजली, घर बनेगा 'पावर बैंक', रिसर्चर्स ने की कमाल की खोज

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Thu, 05 Feb 2026 07:01 AM IST
सार

अमेरिका के MIT वैज्ञानिकों ने ऐसा खास कंक्रीट तैयार किया है, जो इमारतों को सिर्फ मजबूती ही नहीं, बल्कि बिजली स्टोर करने की क्षमता भी देगा। यह नई तकनीक भविष्य में घरों, सड़कों और पुलों को विशाल बैटरी में बदल सकती है।

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घर की दीवारों में स्टोर होगी बिजली - फोटो : AI

    विस्तार

    अब तक कंक्रीट का इस्तेमाल सिर्फ इमारतें, सड़कें और पुल बनाने तक सीमित था, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे ऊर्जा स्टोर करने के लिए एक नया रूप दे दिया है। MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के वैज्ञानिकों ने एक खास इलेक्ट्रॉन-कंडक्टिंग कार्बन कंक्रीट तैयार किया है, जो पावर बैंक के जैसे ऊर्जा स्टोर कर सकता है। यह कंक्रीट भविष्य में दीवारों, फुटपाथों और पुलों को भी बिजली स्टोर करने वाली विशाल बैटरियों में बदल सकता है।

    कैसे काम करता है यह खास कंक्रीट

    यह कंक्रीट सीमेंट, पानी, बेहद बारीक कार्बन ब्लैक और इलेक्ट्रोलाइट्स को मिलाकर बनाई जाती है। इसे ec3 कहा जा रहा है। इसके अंदर एक नैनो-स्तरीय नेटवर्क बनता है, जिससे बिजली का प्रवाह संभव होता है। इसी नेटवर्क की वजह से यह कंक्रीट ऊर्जा को स्टोर कर सकता है और जरूरत पड़ने पर रिलीज भी कर सकता है।

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    समुद्री पानी भी कर सकता है काम

    रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि ec3 में कई तरह के इलेक्ट्रोलाइट्स इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इसमें समुद्री पानी भी शामिल है, जिससे यह तकनीक समुद्री इलाकों और ऑफशोर विंड फार्म जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए बेहद उपयोगी हो सकती है।

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    एक दिन की बिजली कर सकता है जनरेट

    ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोलाइट्स के इस्तेमाल से सबसे बेहतर नतीजे मिले हैं। इस तकनीक से तैयार एक क्यूबिक मीटर कंक्रीट, यानी लगभग एक फ्रिज के आकार की मात्रा, 2 किलोवाट-घंटे से ज्यादा ऊर्जा स्टोर कर सकती है। यह एक फ्रिज को पूरे दिन चलाने के लिए काफी है।

    बैटरी का सुरक्षित विकल्प

    हालांकि पारंपरिक बैटरियों की ऊर्जा क्षमता ज्यादा होती है, लेकिन ec3 को सीधे इमारतों में शामिल किया जा सकता है और यह पूरी संरचना की उम्र तक काम कर सकती है। इसमें दुर्लभ या खतरनाक मटीरियल का इस्तेमाल भी नहीं होता, जो इसे पर्यावरण के लिहाज से सुरक्षित बनाता है।

    सड़कें चार्ज करेंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियां

    MIT की टीम इस तकनीक को पार्किंग स्पेस, सड़कों और घरों तक ले जाने पर काम कर रही है। भविष्य में ऐसी सड़कें बन सकती हैं, जो इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करें, और ऐसे घर जो पूरी तरह ग्रिड से अलग होकर भी काम कर सकें।

    रोमन तकनीक से मिली प्रेरणा

    शोधकर्ताओं का कहना है कि जिस तरह प्राचीन रोमन इमारतें आज भी मजबूती से खड़ी हैं, उसी सोच के साथ आधुनिक नैनो-साइंस को जोड़कर एक नई आर्किटेक्चरल क्रांति की नींव रखी जा सकती है। यह कंक्रीट सिर्फ इमारतों को सहारा नहीं देगी, बल्कि उन्हें ऊर्जा का स्रोत भी बनाएगी।

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