नशा मुक्ति और पुनर्वास अभियान हुए हाई-टेक: सरकार ने लॉन्च किए NMBA 2.0 और SMILE-Beggary Survey एप्स

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीSuyash Pandey
Sat, 25 Apr 2026 02:29 PM IST
सार

India Government Apps:

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश में नशा मुक्ति और भिक्षावृत्ति पुनर्वास कार्यक्रमों को हाई-टेक बनाने के लिए दो नए एप लॉन्च किया है। इन एप्स का नाम NMBA 2.0 और SMILE-Beggary Survey रखा गया है। इन एप्स के जरिए रियल-टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल डेटा कलेक्शन और एडवांस एनालिटिक्स बेहतर होगा। इससे सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

विज्ञापन
Ministry of Social Justice and Empowerment Launches NMBA 2.0 & SMILE Apps
सरकार ने लॉन्च किए नशा मुक्ति और पुनर्वास एप्स - फोटो : एआई

    विस्तार

    आज के डिजिटल दौर में, जहां हर काम स्मार्टफोन और इंटरनेट के जरिए आसान हो रहा है। वहीं अब सरकार भी समाज से जुड़ी बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इसी कड़ी में, हाल ही में चंडीगढ़ में आयोजित हुए 'चिंतन शिविर' कार्यक्रम के दौरान, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाते हुए दो नए और अपग्रेडेड मोबाइल एप्स लॉन्च किए हैं।

    सरकार का मुख्य लक्ष्य देश में चल रहे दो सबसे अहम अभियानों- 'नशा मुक्ति' और 'भिक्षावृत्ति से जुड़े पुनर्वास कार्यक्रमों' को पुरानी कागजी कार्रवाई से निकालकर पूरी तरह से हाई-टेक और असरदार बनाना है। अक्सर इन सामाजिक कार्यों में सही डेटा जुटाने और मॉनिटरिंग में काफी समय लगता था। लेकिन अब इन एप्स की मदद से सारा काम स्मार्ट, पारदर्शी और रियल-टाइम हो जाएगा।

    विज्ञापन

    इन दो नए अपग्रेडेड एप्स के नाम NMBA 2.0 एप (नशा मुक्त भारत अभियान) और SMILE-Beggary Survey एप हैं। आइए टेक्नोलॉजी की इस नई पहल को समझते हैं कि आखिर ये एप्स क्या हैं, इनमें कौन से नए फीचर्स जोड़े गए हैं और ये जमीन स्तर पर कैसे काम करेंगे:

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    1. NMBA 2.0 एप (नशा मुक्त भारत अभियान)

    NMBA 2.0 एप नशा मुक्त भारत अभियान को नई मजबूती देने के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल टूल के रूप में पेश किया गया है। यह एप राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और अन्य सामाजिक संस्थाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा। इस अपग्रेडेड वर्जन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 'रियल-टाइम ट्रैकिंग' सुविधा है। इसके जरिए अब राष्ट्रीय स्तर से लेकर जिला स्तर तक की सभी एजेंसियां एक ही डैशबोर्ड पर नशा मुक्ति कार्यों की लाइव रिपोर्टिंग और निगरानी कर सकेंगी।

    तकनीकी रूप से यह एप डेटा-ड्रिवन अप्रोच पर आधारित है। इसका सीधा मतलब है कि अब अभियान से जुड़े फैसले सटीक आंकड़ों के आधार पर लिए जाएंगे। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही तय होगी। इसके अलावा, यह एप एक डिजिटल रिसोर्स प्लेटफॉर्म के रूप में भी काम करेगा। यहां जागरूकता फैलाने के लिए जरूरी बैनर, पोस्टर और शिक्षाप्रद सामग्री (IEC मटेरियल) हर समय उपलब्ध रहेगी।

    जनता की सुविधा के लिए इसमें डायरेक्ट हेल्पलाइन सपोर्ट भी दिया गया है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति सीधे डी-एडिक्शन हेल्पलाइन या मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए 'MANAS' हेल्पलाइन से जुड़ सकता है। साथ ही, संस्थाओं के लिए इसमें वॉलंटियर मैनेजमेंट का विशेष फीचर जोड़ा गया है। ये मास्टर वॉलंटियर्स को जोड़ने और शपथ-ग्रहण जैसे बड़े कार्यक्रमों को डिजिटल रूप से मैनेज करना आसान बना देगा।

    2. SMILE–Beggary Survey एप

    भीख मांगने की प्रथा को समाप्त करने और पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज करने के लिए मंत्रालय ने SMILE-Beggary Survey एप को एक गेम-चेंजर के रूप में पेश किया है। अब तक इस क्षेत्र में होने वाले सर्वे पुराने और मैन्युअल तरीकों से किए जाते थे। इसके कारण डेटा मिलने में काफी देरी होती थी और गलतियों की गुंजाइश भी बनी रहती थी। लेकिन यह नया मोबाइल एप अब पूरी सर्वेक्षण प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर इन चुनौतियों को खत्म कर देगा।

    इस एप की सबसे बड़ी ताकत इसका 'डिजिटल डेटा कलेक्शन' फीचर है। जो फील्ड में काम करने वाली एजेंसियों को सीधे मौके पर ही सर्वे डेटा दर्ज करने की सुविधा देता है। इससे न केवल डेटा की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि पूरे अभियान की रफ्तार भी तेज होगी। इस डिजिटल पहल का एक और बड़ा फायदा 'रियल-टाइम मॉनिटरिंग' के रूप में सामने आएगा। इसकी मदद से मंत्रालय और जिला प्रशासन सीधे अपने ऑफिस से यह देख सकेंगे कि किस शहर में सर्वे का काम कितनी तेजी से और कैसे चल रहा है।

    इतना ही नहीं, एप में एडवांस 'डेटा एनालिटिक्स' टूल भी शामिल किए गए हैं। ये टूल्स अलग-अलग शहरों की परफॉर्मेंस का विश्लेषण करेंगे। इससे अधिकारियों को यह समझने में आसानी होगी कि काम में कहां रुकावटें आ रही हैं और उन्हें तुरंत कैसे दूर किया जा सकता है। कुल मिलाकर, यह एप भिक्षावृत्ति मुक्त समाज की दिशा में डेटा और तकनीक के तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण है।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें