डिजिटल विज्ञापन नीति 2023: सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने दी मंजूरी, निजी साइट और एप आएंगे दायरे में

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 10 Nov 2023 03:55 PM IST
सार

इंटरनेट वेबसाइटों को सूचीबद्ध करने की अपनी प्रक्रिया को तर्कसंगत बनाने के अलावा, सीबीसी पहली बार अपने सार्वजनिक सेवा अभियान मैसेज को मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी प्रसारित करने में सक्षम होगा। सीबीसी, विज्ञापन के बदले वेबसाइट और एप को पैसे भी देगा।

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Ministry of Information and Broadcasting approves Digital Advertisement Policy 2023
Ministry of Information and Broadcasting - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    सरकार ने शुक्रवार को एक डिजिटल विज्ञापन नीति 2023 को मंजूरी दे दी है जो वेबसाइटों, ओटीटी और पॉडकास्ट जैसे अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों पर लागू होगी। केन्द्रीय संचार ब्यूरो डिजिटल मीडिया क्षेत्र में अभियानों का संचालन करने के लिए भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण विज्ञापन विंग है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इस नीति को मंजूरी दी जो केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) को डिजिटल मीडिया में विज्ञापन देने के तौर-तरीके को सक्षम और सशक्त बनाएगी।

    यह नीति डिजिटल दुनिया में टारगेट एड को प्रभावी तरीक से उपलब्ध कराने में मदद करेगी। पिछले कुछ वर्षों में देशभर में इंटरनेट, सोशल और डिजिटल मीडिया प्लेटफार्मों से जुड़ने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है। ट्राई की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2023 तक भारत में इंटरनेट की पहुंच 880 मिलियन से अधिक और मार्च 2023 तक दूरसंचार ग्राहकों की संख्या 1,172 मिलियन से अधिक थी।

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    यह नीति सीबीसी को ओटीटी और वीडियो ऑन डिमांड स्पेस में एजेंसियों और ऑर्गेनाइजेशन सूचीबद्ध करने में सक्षम बनाएगी। सीबीसी, डिजिटल ऑडियो प्लेटफार्मों के पैनल के माध्यम से पॉडकास्ट और डिजिटल ऑडियो प्लेटफार्मों पर श्रोताओं की बढ़ती संख्या का लाभ उठाने में भी सक्षम होगा।

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    CBC ने वेबसाइट और मोबाइल एप को चार कैटेगरी में बांटा है। 20 मिलियन से अधिक यूनिक यूजर्स वाले साइट और एप A+ कैटेगरी में होंगे, वहीं 10 से 20 मिलियन यूजर्स वाले A में , 5-10 मिलियन वाले B और 0.25-5 मिलियन वाले C कैटेगरी में होंगे। पॉडकास्ट के लिए पांच लाख यूनिक यूजर्स की जरूरत होगी। इंटरनेट वेबसाइटों को सूचीबद्ध करने की अपनी प्रक्रिया को तर्कसंगत बनाने के अलावा, सीबीसी पहली बार अपने सार्वजनिक सेवा अभियान मैसेज को मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी प्रसारित करने में सक्षम होगा। सीबीसी, विज्ञापन के बदले वेबसाइट और एप को पैसे भी देगा।

    मौजूदा समय में भारत सरकार के लगभग सभी मंत्रालयों/विभागों के पास अपना खुद का सोशल मीडिया हैंडल हैं, जिनके माध्यम से व्यापक स्तर पर इन्फोग्राफिक्स और वीडियो तैयार किए जाते हैं और इनकी पहुंच हैंडल के ग्राहकों तक ही सीमित है। सरकारी मंत्रालयों और विभागों की इस पहुंच को सूचना और प्रसारण मंत्रालय की मीडिया इकाई, केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा सभी प्रकार के मीडिया के माध्यम से विज्ञापन जारी करने के लिए नामित संगठन तक बढ़ाया जाएगा।

    बता दें कि सीबीसी, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है और भारत में विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों, योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूकता जगाने और जानकारी प्रसारित करने का दायित्व संभालता है। सीबीसी बदलते मीडिया परिदृश्य को अपनाने और व्यापक दर्शकों तक पहुंच बनाने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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