Microsoft: विंडोज 11 होगा पहले से ज्यादा फास्ट! माइक्रोसॉफ्ट ला रही macOS जैसा सिस्टम, पलक झपकते खुलेंगे एप्स

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Thu, 14 May 2026 08:18 PM IST
सार

अगर आपको Windows 11 में एप्स के धीरे खुलने या सिस्टम के स्लो रिस्पॉन्स से परेशानी होती है, तो जल्द राहत मिल सकती है। Microsoft अब Windows 11 की स्पीड और स्मूदनेस बढ़ाने के लिए बड़े बदलाव कर रही है। कंपनी ऐसा तरीका अपनाने जा रही है, जिसका इस्तेमाल पहले से macOS और Linux जैसे सिस्टम्स में किया जा रहा है।

विज्ञापन
Microsoft Windows 11 performance upgrade winui3 macos like speed feature
माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 11 ओएस - फोटो : Microsoft

    विस्तार

    Microsoft अब Windows 11 की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। कंपनी अपने Windows K2 इनिशिएटिव के तहत ऑपरेटिंग सिस्टम के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को नए WinUI 3 फ्रेमवर्क पर शिफ्ट कर रही है। इसका उद्देश्य Windows 11 को पहले से ज्यादा तेज, स्मूद और रिस्पॉन्सिव बनाना है।

    पिछले कुछ समय से Windows 11 को लेकर सबसे ज्यादा शिकायत इसकी स्लो परफॉर्मेंस और सिस्टम एलिमेंट्स के देर से लोड होने को लेकर हो रही थी। ऐसे में Microsoft अब सिर्फ नए फीचर्स जोड़ने पर ही नहीं, बल्कि उस बेस टेक्नोलॉजी को भी सुधारने पर फोकस कर रही है जिस पर Windows के कई इंटरफेस और सिस्टम एलिमेंट्स काम करते हैं।

    विज्ञापन

    WinUI 3 फ्रेमवर्क पर हो रहा बड़ा काम

    Microsoft ने अपनी GitHub पोस्ट में जानकारी दी है कि कंपनी WinUI 3 की परफॉर्मेंस सुधारने पर तेजी से काम कर रही है। WinUI 3 Windows का नेटिव यूजर इंटरफेस फ्रेमवर्क है, जिसका इस्तेमाल Start Menu समेत कई सिस्टम एलिमेंट्स में किया जाता है। कंपनी का कहना है कि उसका लक्ष्य WinUI 3 को Windows एप्स और यूजर एक्सपीरियंस के लिए सबसे बेहतर नेटिव UI प्लेटफॉर्म बनाना है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    Microsoft की सॉफ्टवेयर इंजीनियर Beth Pan के मुताबिक, कंपनी कई स्तरों पर बदलाव कर रही है। इसमें सिर्फ इंटरफेस एलिमेंट्स को नए फ्रेमवर्क पर माइग्रेट करना ही शामिल नहीं है, बल्कि WinUI फ्रेमवर्क को भी ज्यादा तेज और बेहतर तरीके से ऑप्टिमाइज किया जा रहा है।

    File Explorer और Notepad से हुई टेस्टिंग

    कंपनी ने File Explorer और Notepad जैसे सिस्टम ऐप्स को परफॉर्मेंस टेस्टिंग के लिए बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल किया है। Microsoft के अनुसार WinUI में किए गए सुधारों की वजह से File Explorer के लॉन्च टाइम में कई जगह स्पष्ट सुधार देखने को मिला है। कंपनी ने कहा कि ये बदलाव जल्द ही डेवलपमेंट ब्रांच में दिखाई देने लगेंगे और बाद में इन्हें winui3/main ब्रांच में रोलआउट किया जाएगा।

    कई टीमें मिलकर कर रही हैं काम

    बेथ पैन ने बताया कि Windows की अलग-अलग टीमें मिलकर एंड-टू-एंड परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर काम कर रही हैं। कंपनी इसे केवल एक छोटा अपडेट नहीं, बल्कि Windows 11 की लॉन्ग-टर्म क्वालिटी और फाउंडेशनल सुधार का हिस्सा मान रही है।

    macOS जैसा फीचर भी ला रही Microsoft

    Microsoft Windows 11 में Low Latency Profile Mode जैसे फीचर्स पर भी काम कर रही है। यह फीचर जरूरत पड़ने पर कुछ सेकंड के लिए सिस्टम की CPU फ्रीक्वेंसी को अधिकतम स्तर तक बढ़ा देता है, जिससे सिस्टम तेजी से रिस्पॉन्ड कर सके।

    हालांकि इस फीचर को लेकर कुछ आलोचना भी हुई है, लेकिन इसी तरह की तकनीक का इस्तेमाल पहले से macOS और Linux जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम्स में किया जाता रहा है।

    यूजर्स को क्या फायदा मिलेगा?

    अगर Microsoft की यह रणनीति सफल रहती है, तो Windows 11 यूजर्स को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं। ऐप्स तेजी से खुलेंगे, सिस्टम एलिमेंट्स स्मूद तरीके से लोड होंगे और ओवरऑल रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होगा।

    कंपनी का मानना है कि WinUI फ्रेमवर्क में सुधार, सिस्टम माइग्रेशन और नए परफॉर्मेंस फीचर्स मिलकर Windows 11 को पहले से कहीं ज्यादा तेज और बेहतर बना देंगे।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें