याहू को खरीदने के लिए फिर आगे आई माइक्रोसॉफ्ट, 2008 में भी हुई थी कोशिश
ल 2016 में याहू को वेरिजोन कम्युनिकेशन इंक ने करीब 5 बिलियन डॉलर में खरीदा था और अब खबर है कि याहू को माइक्रोसॉफ्ट खरीदने जा रही है।

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कभी सर्च इंजन के मामले में पूरी दुनिया में राज करने वाला याहू आज दर-दर भटक रहा है। साल 2016 में याहू को वेरिजोन कम्युनिकेशन इंक ने करीब 5 बिलियन डॉलर में खरीदा था और अब खबर है कि याहू को माइक्रोसॉफ्ट खरीदने जा रही है। इससे पहले भी 2008 में माइक्रोसॉफ्ट ने याहू को खरीदने के लिए 44 बिलियन डॉलर की पेशकश की थी जिसे याहू ने ठुकरा दिया था।
अब 13 साल बाद माइक्रोसॉफ्ट ने याहू को खरीदने के लिए फिर से 44.6 बिलियन डॉलर यानी करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये का ऑफर दिया है, हालांकि इस डील पर अभी मुहर नहीं लगी है। इस डील की खबर बाहर आने के बाद याहू के शेयर की कीमत में 48 फीसदी का इजाफा देखा गया है। माइक्रोसॉफ्ट ने याहू को खरीदने के लिए एक लेटर लिखा है जिसमें प्रति शेयर 31 डॉलर नकद और स्टॉक की पेशकश की गई है।
याहू के पास 50 करोड़ यूजर बेस
याहू और माइक्रोसॉफ्ट की यह डील काफी अहम है। याहू के पास करीब 50 करोड़ यूजर्स हर महीने समाचार, फाइनेंस और स्पोर्ट्स के लिए आते हैं। इसके अलावा कंज्यूमर ईमेल सर्विस में भी याहू का दबदबा है, हालांकि यह भी ध्यान देने वाली बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट के पास भी अपनी ई-मेल सर्विस है।
गूगल को बड़ी चुनौती
यदि माइक्रोसॉफ्ट याहू को खरीदने में सफल होती है तो गूगल को सीधे तौर पर चुनौती मिलेगी, क्योंकि सर्च इंजन से लेकर एप और ऑपरेटिंग सिस्टम में गूगल का दबदबा है जिसे यह डील ध्वस्त कर सकती है। याहू के पास सात सर्विसेज हैं जिनमें याहू सर्च इंजन, याहू मेल, याहू एंटरटेनमेंट, याहू फाइनेंस, याहू लाइफस्टाइल और याहू मेल शामिल हैं। अमेरिका में सर्च इंजन में गूगल का मार्केट शेयर 88 फीसदी है, जबकि Bing का 5.35 फीसदी और याहू का 3.04 फीसदी है।
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