Gaza: आईडीएफ में माइक्रोसॉफ्ट प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल का दावा; कर्मचारियों में आक्रोश, अब कंपनी करेगी समीक्षा

शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटनशुभम कुमार
Thu, 21 Aug 2025 03:24 AM IST
सार

गाजा में संघर्ष को लेकर माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ अमेरिका में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। आरोप है कि इस्राइली सेना फलस्तीनियों की निगरानी के लिए माइक्रोसॉफ्ट के एज्योर क्लाउड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी ने मामले की जांच के लिए लॉ फर्म नियुक्त की, लेकिन कर्मचारियों ने इसे नाकाफी बताते हुए इस्राइल से सभी तकनीकी संबंध तोड़ने की मांग की।

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Microsoft reviewing Israeli military's use of its tech amid worker protests News In Hindi
Microsoft - फोटो : Microsoft

    विस्तार

    गाजा में चल संघर्ष की गूंज अमेरिका की बड़ी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के मुख्यालय के बाहर देखने को मिला। जहां इस हफ्ते कर्मचारियों ने माइक्रोसॉफ्ट के मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मांग की कि कंपनी तुरंत इस्राइली सेना से अपने तकनीकी संबंध खत्म करे। मीडिया रिपोर्ट की माने तो प्रदर्शन का कारण यह है कि ब्रिटिश अखबार 'द गार्जियन' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस्राइली सेना माइक्रोसॉफ्ट के एज्योर क्लाउड प्लेटफॉर्म का उपयोग गाजा और वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों की फोन कॉल्स की निगरानी के लिए कर रही है।

    माइक्रोसॉरफ्ट ने दिया तुरंत जांच का आश्वासन

    माइक्रोसॉफ्ट ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इस मामले की जांच के लिए उसने कोविंगटन और बर्लिंग नाम की लॉ फर्म को नियुक्त किया है। कंपनी ने यह भी कहा कि उसकी सेवा की शर्तें इस तरह के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देतीं और यह गंभीर मामला है जिसकी फौरन और पूरी जांच जरूरी है।

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    हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों का कहना है कि सिर्फ जांच पर्याप्त नहीं है। वहीं मामले में एक समूह ने लगातार प्रदर्शन करते हुए मांग की है कि कंपनी इस्राइल को तकनीक मुहैया कराना बंद करे, जिससे गाजा में युद्ध को बढ़ावा मिल रहा है।

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    मीडिया रिपोर्ट में दावा

    बता दें कि इससे पहले, फरवरी में एक न्यूज एजेंसी के रिपोर्ट में बताया था कि माइक्रोसॉफ्ट और इस्राइली रक्षा मंत्रालय के बीच गहरा रिश्ता है, और अक्तूबर 2023 में हमास के हमले के बाद से इस्राइली सेना की तरफ से एआई तकनीक का उपयोग 200 गुना बढ़ गया है।

    इसके साथ ही न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि इस्राइल की सेना माइक्रोसॉफ्ट एज्योर का इस्तेमाल जासूसी, अनुवाद, और डेटा प्रोसेसिंग के लिए करती है, जो फिर इस्राइल के एआई आधारित निशाना साधने वाले सिस्टम से जोड़ा जाता है।

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    कंपनी ने कहा था जांच में नहीं मिला कुछ भी

    गौरतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट ने तब कहा था कि उनके द्वारा कराई गई जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला कि एज्योर या एआई का उपयोग गाजा में लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि यह जांच किसने की और इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।

    इसको लेकर कंपनी ने हाल ही में तीन कर्मचारियों को भी प्रदर्शन करने पर नौकरी से निकाल दिया। इनमें एक वह कर्मचारी था जिसने सीईओ सत्या नडेला का भाषण बीच में रोक दिया था। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या माइक्रोसॉफ्ट अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएगा या फिर मुनाफे के लिए विवादित साझेदारियों को जारी रखेगा।

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