Microsoft ने लॉन्च किया पहला AI सिक्योरिटी असिस्टेंट, साइबर क्राइम को रोकने में करेगा मदद
Microsoft ने कहा यह सिक्योरिटी असिस्टेंट ओपन एआई की जीपीटी-4 तकनीक पर आधारित है और एक बड़े पैमाने वाला मल्टीमॉडल है। इसकी मदद से साइबर हमलों की पहचान करने और उन्हें रोकने में मदद मिलेगी।

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टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने ओपनएआई के चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसी क्षमताओं वाले अपने नए एआई टूल एआई सिक्योरिटी असिस्टेंट (Microsoft Security Copilot) को पेश कर दिया है। कंपनी ने कहा यह सिक्योरिटी असिस्टेंट ओपन एआई की जीपीटी-4 तकनीक पर आधारित है और एक बड़े पैमाने वाला मल्टीमॉडल है। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि इसकी मदद से साइबर हमलों की पहचान करने और उन्हें रोकने में मदद मिलेगी।
माइक्रोसॉफ्ट का नया एआई सिक्योरिटी असिस्टेंट भी चैटजीपीटी जैसे आर्टिफिशियल असिस्टेंट क्षमताओं से लैस है। यह ओपन एआई की जीपीटी-4 तकनीक पर आधारित है और टेक्स्ट इनपुट के साथ इमेज इनपुट को भी स्वीकार कर सकता है और टेक्स्ट आउटपुट प्रोड्यूस करता है।
कंपनी ने अपने आधिकारिक ब्लॉग में कहा कि सिक्योरिटी असिस्टेंट एक साधारण प्रॉम्प्ट बॉक्स के साथ काम करता है जो सिक्योरिटी एनालिस्ट को घटनाओं को सारांशित करने, कमजोरियों का एनालिसिस करने और एक पिनबोर्ड पर सहकर्मियों के साथ जानकारी साझा करने जैसे कार्यों में मदद करेगा।
सिक्योरिटी असिस्टेंट माइक्रोसॉफ्ट के सिक्योरिटी-विशिष्ट मॉडल का उपयोग करेगा। इस मॉडल को कंपनी "सिक्योरिटी-विशिष्ट स्किल का एक बढ़ता हुआ सेट" कहती है और इसमें हर दिन 65 ट्रिलियन से अधिक संकेतों को जोड़ा जाता है।