सत्या नडेला के नेतृत्व में भारतीय रंग में हो रहा माइक्रोसॉफ्ट का 'मेकओवर'

टेक डेस्क, अमर उजाला
Sat, 21 Jul 2018 05:20 PM IST
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Microsoft getting Indianised under the leadership of Satya Nadella
satya nadella

    साल 2014 से स्टीव बाल्मर के बाद माइक्रोसॉफ्ट की कमान संभाल रहे सत्या नडेला हर साल गूगल को एक नए मुकाम पर ले जा रहे हैं। अभी हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने पहली बार वित्त वर्ष 2018 में 100 अरब डॉलर का राजस्व पार किया है। कंपनी के बयान के मुताबिक उसके राजस्व में हर साल 17 फीसदी की वृद्धि हो रही है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला जिनका जन्म हैदराबाद में हुआ था और शुरुआती पढ़ाई भी वहीं से हुई, वे अमेरिकी नहीं, बल्कि भारतीय तरीके से कंपनी को एक नई ऊंचाई की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में काम करने के उन तरीकों को पूरी तरह से बाहर कर दिया है जो कि बाल्मर के समय लागू हुआ करते थे। आइए नडेला के अमेरिका में काम करने के भारतीय तरीके को इन उदाहरणों से समझते हैं।

    फेशियल रिकॉग्निशन

    पिछले सप्ताह ही माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिकी संसद से अपील करते हुए कहा कि चेहरा पहचानने वाली तकनीक यानि फेशियल रिकॉग्निशन को नियम और कानून के दायरे में लाने की दरकार है ताकि लोगों को निजता पर हमला ना हो। कंपनी के एक बड़े अधिकारी ने कहा कि सरकार को इस पर गंभीरता से विचतार करना चाहिए और अलग से एक आयोग का भी गठन करना चाहिए। यहां गौर करने वाली बात है कि इससे पहले इस मसले किसी अन्य कंपनी ने सवाल नहीं उठाए हैं।

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    विविधता

    नडेला ने हाल ही में काम में विविधता को लेकर नडेला ने कहा है कि अगर हमें पूरी दुनिया के लिए काम करना है तो हमें काम में किसी तरह का भेदभाव नहीं करनी होगा, क्योंकि हमें सभी लोगों के लिए काम करना है ना कि किसी खास एक के लिए।

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    अपनी तकनीक पर निर्भरता

    बाल्मर ने एक बार जहां बैठक के दौरान अपने एक कर्मचारी का आईफोन छीन लिया था, वहीं नडेला ने माइक्रोसॉफ्ट को एप्पल के स्टोर और एंड्रॉयड के प्ले स्टोर पर अपने टूल और सॉफ्टवेयर को पब्लिश करने के लिए प्रोत्साहित किया।

    युवाओं को मौका

    बाल्मर के कार्यकाल के दौरान जहां युवा कर्मचारियों को नए इनोवेशन पर तवज्जो नहीं मिलती थी, वहीं नडेला ने युवा कर्मचारियों को नए-नए इनोवेशन के लिए प्रोत्साहित किया। साल 2012 में फोर्ब्स पत्रिका ने बाल्मर को सबसे खराब सीईओ बताया तो वहीं इसी पत्रिका ने नडेला को दुनिया के 40 शक्तिशाली लोगों की सूची में शामिल किया। अपने इसी अंदाज और काम करने के तरीके की बदौलत माइक्रोसॉफ्ट ने इसी साल पहली बार 100 अरब डॉलर का राजस्व पार किया है।

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