माइक्रोसॉफ्ट से IWill को मिला अनुदान, मानसिक स्वास्थ्य कन्वर्सेशन प्रोग्राम में मिलेगी मदद
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, विश्व स्तर पर लगभग 1 बिलियन लोग (100 करोड़) मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति से ग्रस्त हैं। फिर भी प्रमाणित, कम लागत वाले और स्थानीय भाषा आधारित मानसिक स्वास्थ्य समाधानों की भारी कमी है।

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भारत की मानसिक-स्वास्थ्य संस्था IWill को माइक्रोसॉफ्ट के एआई फॉर एक्सेसिबिलिटी प्रोग्राम से एक नया अनुदान प्राप्त हुआ है। इस अनुदान से भारत में 61.5 करोड़ से अधिक हिंदी-भाषी यूजर्स के लिए अपने समावेशी और प्रभावी हिंदी-आधारित एआई मानसिक स्वास्थ्य कन्वर्सेशन प्रोग्राम के निर्माण में तेजी आएगी। बता दें कि IWill, ePsyClinic के स्वामित्व वाली कंपनी है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, विश्व स्तर पर लगभग 1 बिलियन लोग (100 करोड़) मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति से ग्रस्त हैं। फिर भी प्रमाणित, कम लागत वाले और स्थानीय भाषा आधारित मानसिक स्वास्थ्य समाधानों की भारी कमी है। आईविल को दिया गया अनुदान भारत और विदेशों में इस व्यापक अंतर को कम करने के अपने सावधानीपूर्वक प्रयासों में तेजी से बढ़ने वाली फर्म की मदद करेगा-विशेष रूप से हिंदी-भाषी यूजर्स के लिए, क्योंकि हिंदी दुनिया में तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा भी है यानी इससे अधिक मात्रा में लोगों की मदद होगी।
आईविल के संस्थापक और सीईओ शिप्रा डावर ने कहा कि हम माइक्रोसॉफ्ट से समर्थन प्राप्त करने के लिए बहुत उत्साहित और गर्व महसूस कर रहे हैं। अपनी स्थापना के बाद से आईविल ने एक कंपनी के रूप में समाधान बनाने और कार्यक्रमों की पेशकश करने के लिए काम किया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भावनात्मक या मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति, भाषा, आर्थिक और भारत और विदेशों में सांस्कृतिक अंतर वाले लोग लाभान्वित हो सकते हैं।
डावर ने कहा, हिंदी-एआई आधारित मानसिक स्वास्थ्य सीबीटी सॉल्यूशन (कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी) जो सहानुभूतिपूर्ण, प्रभावी और सुलभ हैं, एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर हमने कोरोना महामारी के दौरान काम करना शुरू किया था। अब माइक्रोसॉफ्ट के अनुदान के साथ-साथ एआई की विशेषज्ञता और टेक्नोलॉजी तक पहुंच हमें हिंदी-आधारित, तकनीक-सक्षम मानसिक स्वास्थ्य समाधानों के साक्ष्य और सहानुभूति को तेज करने में हमारे रिसर्च को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि हम इसे सक्षम करने के लिए कन्युनिटी के भीतर मौजूद अन्य समाधानों की इंटरऑपरेबिलिटी के साथ मिलकर रोगी की रिकवरी, भलाई और विकास पर काम कर रहे हैं। आईविल, एक फर्म के रूप में अधिक भाषा मॉडल के साथ अंतर को पाटने की दिशा में काम करना जारी रखेगा और प्रभावी भागीदारी समाधान भारत और दुनिया के लिए अंतिम मील के अंतर को कम करेगा। हम अनुदान प्राप्त करने के लिए खुश हैं।
बता दें कि एआई फॉर एक्सेसिबिलिटी एक ऐसा कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य दुनिया भर में एक अरब से अधिक विकलांग लोगों के लिए मानव क्षमता को बढ़ाने के लिए एआई की शक्ति का उपयोग करना है। कार्यक्रम विकलांग लोगों के लिए वैश्विक स्वतंत्रता और समावेश सुनिश्चित करने के लिए टेक्नोलॉजी के भविष्य को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।