फेसबुक डेटा निजता: मेटा पर कसा शिकंजा, 4.3 करोड़ उल्लंघनों के लिए जूरी ने ठहराया दोषी; कितना लगेगा जुर्माना?

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Sat, 26 Sep 2026 03:43 PM IST
सार

मेटा पर डेटा प्राइवेसी मामले को लेकर जूरी का एक बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिका के न्यू मैक्सिको में सांता फे की एक जूरी ने फेसबुक को राज्य के यूजर्स को गुमराह करने का दोषी ठहराया है। यह केस 2016 में सामने आए कैंब्रिज एनालिटिका डेटा स्कैंडल से जुड़ा है। आखिर क्या है पूरा मामला और जूरी ने मेटा के खिलाफ क्या फैसला सुनाया है? आइए जानते हैं इस पूरे प्रकरण को विस्तार से।

Meta Convicted Landmark Cambridge Analytica Lawsuit: Jury Finds Tech Giant Misled Users
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    सोशल मीडिया कंपनी मेटा के लिए अमेरिका से एक बड़ा कानूनी अपडेट सामने आया है। न्यू मैक्सिको के सांता फे में एक जूरी ने कंपनी को राज्य के उपभोक्ता संरक्षण कानून के उल्लंघन का जिम्मेदार पाया है। यह मामला फेसबुक यूजर्स के डेटा के इस्तेमाल, प्राइवेसी से जुड़े दावों और प्लेटफॉर्म पर हेट स्पीच व गलत सूचना से जुड़ी नीतियों को लेकर था।

    दो हफ्ते चली सुनवाई के बाद आए फैसले में जूरी ने पाया कि मेटा की ओर से दिए कई बयान यूजर्स को गुमराह करने वाले थे। अब फर्स्ट ज्यूडिशियल डिस्ट्रिक्ट जज फ्रांसिस मैथ्यू यह तय करेंगे कि कंपनी पर कितनी सिविल पेनल्टी लगाई जाएगी।

    क्या है पूरा मामला?

    • यह पूरे मामले की शुरुआत कैम्ब्रिज एनालिटिका से जुड़े डेटा विवाद के बाद हुई। 2018 में सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, राजनीतिक कंसल्टिंग फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका ने एक थर्ड-पार्टी एप के जरिए करीब 8.7 करोड़ फेसबुक यूजर्स का निजी डेटा हासिल किया था। यह फर्म डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के राष्ट्रपति अभियान से भी जुड़ी थी।
    • न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल ने इस मामले को लेकर 2021 में मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। राज्य का आरोप था कि मेटा ने अपने यूजर्स को इस बारे में पर्याप्त और सही जानकारी नहीं दी कि उनके डेटा का इस्तेमाल और थर्ड पार्टी के साथ शेयरिंग किस तरह की जा रही थी।

    29 बयानों में से 26 को जूरी ने माना गुमराह करने वाला

    सुनवाई के दौरान मेटा के कई सार्वजनिक बयानों की जांच की गई। जूरी ने राज्य की ओर से चिन्हित 29 बयानों में से 26 को गुमराह करने वाला माना। इन बयानों का संबंध यूजर डेटा, हेट स्पीच और गलत सूचना से जुड़ी कंपनी की नीतियों से था।

    हालांकि, जूरी ने उन दावों को स्वीकार नहीं किया जिनमें कहा गया था कि मेटा ने हानिकारक कंटेंट हटाने के अपने प्रयासों और फैक्ट-चेकिंग प्रैक्टिस के बारे में उपभोक्ताओं को गुमराह किया था। यानी राज्य के सभी आरोपों को जूरी ने सही नहीं माना।

    4.3 करोड़ से ज्यादा उल्लंघन

    • जूरी ने मेटा के खिलाफ 4.3 करोड़ से ज्यादा उल्लंघन पाए। सोर्स न्यू मैक्सिको के अनुसार, जूरी ने न्यू मैक्सिको के अनफेयर प्रैक्टिस एक्ट के तहत 43 मिलियन से अधिक उल्लंघन माने। कुछ अन्य रिपोर्टों में कुल संख्या करीब 43.9 मिलियन बताई गई है।
    • अब इस आधार पर लगने वाली सिविल पेनल्टी का फैसला जज फ्रांसिस मैथ्यू करेंगे। राज्य के वकीलों ने प्रत्येक उल्लंघन पर कानून के तहत अधिकतम 5,000 डॉलर की पेनल्टी की मांग की है। इसका मतलब यह है कि अभी अंतिम पेनल्टी तय नहीं हुई है। जूरी ने उल्लंघनों को लेकर अपना निष्कर्ष दिया है, जबकि वास्तविक आर्थिक दंड की राशि जज तय करेंगे।

    मेटा ने फैसले पर क्या कहा?

    मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी इस फैसले से बिल्कुल सहमत नहीं है और अपने रिकॉर्ड को तोड़ने-मरोड़ने के खिलाफ आगे भी बचाव जारी रखेगी। प्रवक्ता ने फर्स्ट अमेंडमेंट (First Amendment) का हवाला देते हुए कहा कि मेटा के प्लेटफॉर्म स्वतंत्र अभिव्यक्ति के मंच हैं। हमें अपनी कम्युनिटी के हित में इन प्लेटफॉर्म्स को मैनेज करने का संवैधानिक अधिकार है। हमारा ध्यान फ्री स्पीच को प्राथमिकता देने, यूजर्स के डेटा की सुरक्षा करने और उन्हें उनके डेटा पर पूरा नियंत्रण देने पर है।

    न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल ने क्या कहा?

    • फैसले के बाद न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने कहा कि मामले ने कंपनी के नियमों के साथ व्यवहार को लेकर राज्य के आरोपों को सामने रखा। यह बयान जूरी के फैसले के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया।
    • राज्य ने मुकदमे में यह भी आरोप लगाया था कि फेसबुक ने यूजर्स को इस बारे में गुमराह किया कि वह थर्ड पार्टीज के साथ यूजर डेटा किस तरह शेयर करता है और हेट स्पीच व गलत सूचना से जुड़ी अपनी नीतियों को कैसे लागू करता है। ये राज्य की ओर से लगाए गए आरोप थे, जिनमें से कुछ पर जूरी ने मेटा के खिलाफ फैसला दिया।

    जूरी की ओर से मेटा को दोषी पाए जाने के बाद अब इस मामले की कमान जज फ्रांसिस मैथ्यू के पास है। जूरी की ओर से चिन्हित किए गए 4.3 करोड़ से अधिक उल्लंघनों के आधार पर अब जज कंपनी पर लगाई जाने वाली सिविल पेनल्टी (आर्थिक जुर्माना) की राशि तय करेंगे, जो मेटा के लिए एक बड़ा वित्तीय और रणनीतिक झटका साबित हो सकती है।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें