Apple VS Meta: जकरबर्ग ने एपल पर साधा निशाना, कहा- iPhone से खाली पैसा बना रही कंपनी, इनोवेशन जीरो
जकरबर्ग ने एपल के एप स्टोर पर 30 प्रतिशत लेन-देन शुल्क को "मनमाना और प्रतियोगिता के लिए हानिकारक" बताया। उन्होंने कहा कि यह न केवल मेटा के मुनाफे को प्रभावित करता है, बल्कि उपभोक्ताओं को एपल के महंगे एक्सेसरीज खरीदने पर मजबूर करता है।

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मेटा (Meta) के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने एपल पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एपल ने पिछले कई सालों से आईफोन की सफलता पर निर्भर होकर "इनोवेशन" को दरकिनार कर दिया है। यूट्यूबर जो रोगन के साथ एक पॉडकास्ट में जकरबर्ग ने एपल पर तंज कसते हुए कहा कि कंपनी, "आईफोन से 20 साल से पैसा कमा रही है, लेकिन नई और क्रांतिकारी चीजें लाने में असफल है।"
जकरबर्ग के बयान से यह भी साफ होता है कि वे एपल की एप स्टोर पॉलिसी और गोपनीयता (प्राइवेसी) पर कड़े नियमों से नाराज हैं, जो मेटा के विज्ञापन राजस्व को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा, “एपल ने आईफोन का उपयोग कई मनमाने नियम थोपने के लिए किया है। ऐसा लगता है कि उन्होंने हाल के वर्षों में कोई बड़ी इनोवेशन नहीं की है। स्टीव जॉब्स ने आईफोन पेश किया, और अब वे 20 साल बाद भी उसी पर बैठे हुए हैं।”
जकरबर्ग ने कहा कि एपल आईफोन में लगातार छोटे सुधार करता रहा है, लेकिन वह मेटा जैसी कंपनियों की तरह मेटावर्स और वर्चुअल रियलिटी जैसे नए तकनीकी क्षेत्रों में कदम नहीं बढ़ा रहा है। उन्होंने एपल पर यह भी आरोप लगाया कि कंपनी गोपनीयता और सुरक्षा के मुद्दों का उपयोग अपने बचाव में करती है। जकरबर्ग ने कहा, "यह असुरक्षित है क्योंकि आपने इसमें उचित सुरक्षा नहीं बनाई। अब आप इसे एक बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं कि केवल आपके उत्पाद ही आसानी से कनेक्ट हो सकते हैं।"