Google Maps Vs Mappls: गूगल मैप्स को टक्कर दे सकता है मैपल्स, अगर इन कमियों को कर ले दूर, जानें क्या है अंतर
Google Maps Vs Mappls Features:
भारत का स्वदेशी नेविगेशन एप Mappls इन दिनों खूब चर्चा में है। इसे Google Maps का भारतीय विकल्प बताया जा रहा है। हमने दोनों एप्स का इस्तेमाल किया और जाना कि किसका इंटरफेस बेहतर है, कौन देता है ज्यादा सटीक जानकारी और किसे यूज करना है ज्यादा आसान है।

विस्तार
इन दिनों इंटननेट पर मेड-इन-इंडिया एप्स की काफी चर्चा हो रही है। सरकार भी इन एप्स को पूरा समर्थन दे रही है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मैप माई इंडिया (Map My India) का स्वदेशी नेविगेशन एप मैपल्स (Mappls) का उपयोग करते हुए एक वीडियो शेयर किया था, जिसके बाद लोग इस एप के बारे में जानना चाह रहे हैं। Mappls को Google Maps का प्रतिद्वंद्वी बताया जा रहा है। ऐसे में हमने भी Mappls का इस्तेमाल कर जानना चाहा कि यह गूगल मैप्स से कितना अलग है। आइए डिटेल में जानते हैं दोनों एप में क्या अंतर है और एक यूजर के लिहाज से हमें किस एप को यूज करना सबसे ज्यादा आसान लगा।
UI और UX किसका बेहतर
किसी भी एप को खोलते ही यूजर का सबसे पहले ध्यान एप की स्मूथनेस पर जाता है। गूगल मैप्स की बात करें तो यह काफी स्मूथ है और एप को यूज करते समय स्क्रॉलिंग में कहीं भी समस्या नहीं आती। गूगल मैप्स में एनिमेशन भी काफी अच्छे से दिखते हैं। हालांकि, Mappls का यूआई गूगल मैप्स की तरह स्मूथ नहीं हैं। इसमें मैप पर लोकेशन सर्च करते समय और ऊपर-नीचे या आगे-पीछे स्क्रॉल करते समय फ्रेम ड्रॉप की समस्या दिखती है। यूजर एक्सपीरिएंस के लिहाज से हमें Google Maps मैपल्स से काफी बेहतर लगा।
3D जंक्शन व्यू दिखाता है मैपल्स
गूगल मैप्स में मल्टीपल इंटरशेक्शन, लेन और फ्लाईओवर पर सड़क का व्यू ठीक से नहीं दिखता जिसके वजह से कई ड्राइवर कन्फ्यूज हो जाते हैं। हालांकि, मैपल्स ने इस समस्या का हल निकाल दिया है। इसमें फ्लाईओवर या हाईवे इंटरसेक्शन आने से पहले ही आपको 3D व्यू दिखने लगता है, जिससे आपको सही रास्ता साफ-साफ दिखने लगता है और लेन बदलने के दौरान गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो जाती है।
लाइव ट्रैफिक और हैजार्ड अपडेट
गूगल मैप्स में अक्सर एक्सीडेंट, ट्रैफिक जाम और जल जमाव का अलर्ट देखने को मिलता है। लेकिन Mappls अलर्ट दिखाने के मामले में Maps से आगे है। इसमें यूजर्स को सड़क पर गड्ढे, जल जमाव, स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक लाइट और एक्सीडेंट का भी अलर्ट देखने को मिलता है। Mappls में ओवरस्पीड अलर्ट भी मिलता है। यही नहीं Mappls पर आपको सड़कों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) भी दिखते हैं।
इनडोर नैविगेशन
गूगल मैप्स में लिमिटेड लोकेशन और कुछ ग्लोबल वेन्यू पर ही नेविगेशन की सुविधा मिलती है। जबकि Mappls पर आप बड़े मॉल, कन्वेंशन सेंटर और एयरपोर्ट का भी नेविगेशन मैप देख सकते हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंटेलिजेंट राउटिंग
मैपल्स और गूगल दोनों पर आपको ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन और पेट्रोल पंप के बारे में जानकारी मिलती है। लेकिन Mappls पर आपको यह जानकारी भी मिलेगी कि इलेक्ट्रिक वाहन बची हुई बैटरी में कितनी दूर चल सकता है । हालांकि, गूगल ने भारतीय यूजर्स के लिए अभी तक इस तरह का फीचर पेश नहीं किया है।
क्या Mappls बन सकता है Google Maps का बेहतर विकल्प?
अगर कुल मिलाकर देखा जाए तो Mappls कई मामलों में सराहनीय फीचर्स के साथ आता है, जैसे कि 3D जंक्शन व्यू, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, और ईवी इंटेलिजेंट रूटिंग। ये फीचर्स खासतौर पर भारतीय सड़कों और ड्राइविंग कंडीशन्स को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, जो इसे एक लोकल-फ्रेंडली एप बनाते हैं।
हालांकि, यूजर इंटरफेस (UI) और यूजर एक्सपीरियंस (UX) के मामले में Google Maps अब भी आगे है। इसकी स्मूथ स्क्रॉलिंग, तेज रिस्पॉन्स और एनिमेशन की क्वालिटी इसे ज्यादा प्रोफेशनल और सहज बनाती है। दूसरी ओर, Mappls में अभी भी स्क्रॉलिंग और रेंडरिंग में हल्की दिक्कतें देखने को मिलती हैं, जो कभी-कभी ड्राइविंग के दौरान ध्यान भटका सकती हैं।
लेकिन Mappls के कुछ इनोवेटिव फीचर्स जैसे कि सड़क पर गड्ढों, स्पीड ब्रेकर और ओवरस्पीड अलर्ट जैसी स्थानीय उपयोगी जानकारियां यूजर्स के लिए सुरक्षित सफर सुनिश्चित करती हैं। हमें उम्मीद है कि मैपल्स अगर अपनी कमियों में सुधार कर ले तो यह भारत में Google Maps के टक्कर का नेविगेशन एप बन सकता है।