भारत का संस्कृत में नक्शा, नाम है 'भारतस्य राजनीतिकं मानचित्रम्'

भारत के नक्शे के बारे में आपलोग अच्छे से जानते होंगे। आप में से किसी ने अंग्रेजी में भारत में का नक्शा देखा होगा तो किसी ने हिंदी में, लेकिन यदि हम ये पूछें कि आप में से कितने लोगों ने संस्कृत में भारत का नक्शा देखा है तो शायद बहुत कम ही लोग हां बोंलेगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सर्वे ऑफ इंडिया ने संस्कृत में भी भारत का नक्शा जारी किया है। संस्कृत में भारत का नक्शा 2018 में जारी किया गया था। 2018 से पहले 2002 में आखिरी बार सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से भारत का नक्शा जारी किया गया था।
संस्कृत के नक्शा में क्या है खास?
सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा संस्कृत में जारी किए गए नक्शे में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि जगहों के नाम के अंत में : और अं को प्रत्यय के रूप में जोड़ा गया है। उदाहरण के जरिए समझें तो नागालैंड को संस्कृत वाले नेक्शे में नागालैंडम् लिखा है। इसकी तरह लद्दाख को लद्दाखम् और जम्मू-कश्मीर को जम्मूः कश्मीरः लिखा गया है। वहीं गंगटोक, गंगटोकः हो गया है।
नक्शे में नदियों और जलाशयों को भी संस्कृत में ही लिखा गया है, जैसे- गोविंद सागरः, नागार्जुन सागरः आदि। नक्शे की एक और खास बात यह है कि पड़ोसी देशों के नाम भी संस्कृत में लिखे गए हैं, जैसे- अफगानिस्तान को अफगानिस्तानम्, पाकिस्तानम्, इस्लामाबादः, पेशावरम्, चीन गणराज्यम्, तिब्बत स्वायत क्षेत्रम् आदि। बंगाल की खाड़ी को बंगालस्य खाड़ी लिखा है।