हिंदी-चाइनीज समेत कई भाषाओं को बर्बाद कर सकता है इंटरनेट

आप भी जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा चाइनीज है और इस हिसाब से इंटरनेट पर भी चाइनीज भाषा का ही दबदबा होना चाहिए लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि इंटरनेट पर पूरी दुनिया में चाइनीज की उपस्थिति सिर्फ 16 फीसदी है जबकि चाइनीज बोलने वालों की संख्या 1.3 बिलियन है।
स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेट की दुनिया में अंग्रेजी का दबदबा है। अंग्रेजी भाषा में 10 मिलियन वेबसाइट्स हैं और 53 प्रतिशत लोग पूरी दुनिया में इंटरनेट पर अंग्रेजी का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि इंटरनेट की दुनिया में भाषा को लेकर विविधता आपको देखने को नहीं मिलेगी।
चाइनीज के अलावा स्पैनिश की भी हालत दयनीय है। पूरी दुनिया में स्पैनिश बोलने वालों की संख्या 437 मिलियन है, जबकि इंटरनेट पर स्पैनिश सिर्फ 5.1 मिलियन भी उपलब्ध है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि इंटरनेट की दुनिया में भाषा की ये कमी कुछ भाषाओं को हमेशा के लिए खत्म भी कर सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरी दुनिया में चाइनीज बोलने वालों की संख्या 1,284 मिलियन है, जबकि इंटरनेट पर यह संख्या सिर्फ 1.8 फीसदी है। इसके दुनिया के 437 मिलियन लोग स्पैनिश बोलते हैं लेकिन इंटरनेट पर इनकी संख्या 5.1 फीसदी है।
खास बात यह है कि अंग्रेजी बोलने वालों की संख्या 372 मिलियन और इंटरनेट पर इनकी संख्या 53 प्रतिशत है। हिन्दी की बात करें तो पूरी दुनिया में हिन्दी बोलने वालों की संख्या 260 मिलियन है, हालांकि इस रिपोर्ट में इंटरनेट पर हिन्दी के यूजर्स की संख्या को नहीं बताया गया है।