JBS Ransomware Attack: मीट सप्लाई करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी ने हैकर्स को दिए 80 करोड़

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 10 Jun 2021 12:01 PM IST
सार

JBS ने इस साइबर अटैक के बारे में अमेरिका सरकार को सूचना दी थी। JBS ने कहा था कि अमेरिका स्थित उसके मुख्यालय पर साइबर अटैक हुआ है जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के दो संयंत्र बंद पड़े हैं।

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JBS Ransomware Attack Meatpacking Giant paid 11 million dollars hackers to extortionists
JBS - फोटो : social media

    विस्तार

    दुनिया की सबसे बड़ी मीट सप्लाई करने वाली कंपनी जेबीएस (JBS) ने साइबर अटैक के बाद हैकर्स को 11 मिलियन डॉलर यानी करीब 80 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसकी जानकारी कंपनी ने खुद अपने एक बयान में दी है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेबीएस ने यह भुगतान बिट्क्वाइन में किया है। भारत में 10 जून को 11 बजे सुबह तक बिट्क्वाइन की कीमत 26.8 रुपये थी। कंपनी ने हैकर्स को ये पैसे भविष्य के किसी अटैक से बचने और डाटा चोरी से बचने के लिए दिए हैं। बता दें कि पिछले सप्ताह हुए इस साइबर अटैक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जॉय बाइडन ने कहा था कि इस अटैक के पीछे रूस का हाथ है।

    पिछले सप्ताह दुनिया में सबसे ज्यादा मीट की सप्लाई करने वाली ब्राजील की कंपनी JBS पर अटैक हुआ था। JBS ने इस साइबर अटैक के बारे में अमेरिका सरकार को सूचना दी थी। JBS ने कहा था कि अमेरिका स्थित उसके मुख्यालय पर साइबर अटैक हुआ है जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के दो संयंत्र बंद पड़े हैं।

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    कोलराडो स्थित कंपनी के मुख्यालय ने भी इस साइबर अटैक के बारे में आधिकारिक बयान जारी किया था जिसमें कहा गया था कि हैकर्स ने कंपनी के कंप्यूटर सिस्टम को बंद कर दिए हैं। इसके अलावा हैकर्स ने ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में कारोबारी गतिविधियां को रोकने की मांग की है। इस साइबर अटैक में कंपनी के उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ सर्वरों प्रभावित हुए थे।

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    उस दौरान कंपनी ने अपने एक बयान में कहा था कि अभी तक किसी हैकर या किसी हैकर ग्रुप की ओर से रकम या कोई और अन्य मांग नहीं की गई है, हालांकि बाद में हैकर्स की मांग के बाद कंपनी ने पेमेंट किए हैंं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जेबीएस दुनिया की सबसे बड़ी मीट सप्लाई करने वाली कंपनी है। इसका कारोबार अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड सहित 15 देशों तक फैला हुआ है।

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