IT rules 2021: सोशल मीडिया कंपनियों और सरकार के बीच जारी है विवाद, जानें वजह

दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीदीप्ति मिश्रा
Thu, 27 May 2021 01:57 PM IST
सार

सरकार ने सभी कंपनियों को नोटिस भेजकर पूछा है कि नियम का पालन अब तक क्यों नहीं किया गया? इस बीच, चर्चा हो रही है कि नए आईटी नियमों के नहीं मानने पर फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स बंद हो सकते हैं।

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IT Rules 2021 : Government and social media companies controversy, New Rules Facebook, Twitter, Koo, WhatsApp
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock

    विस्तार

    केंद्र सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच नए आईटी नियमों को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। दरअसल, सोशल मीडिया कंपनियों पर शिंकजा कसते हुए भारत सरकार ने नए आईटी नियम बनाए हैं, जो 26 मई से प्रभावी हो गए हैं।

    भारत सरकार के नए आईटी नियमों के खिलाफ फेसबुक के मालिकाना हक वाला मैसेजिंग एप व्हाट्सऐप ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। वहीं सरकार ने सभी कंपनियों को नोटिस भेजकर पूछा है कि नियम का पालन अब तक क्यों नहीं किया गया? इस बीच, चर्चा हो रही है कि नए आईटी नियमों के नहीं मानने पर फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स बंद हो सकते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर क्या विवाद है?

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    विवाद की वजह

    सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच विवाद नए आईटी नियमों की वजह से शुरू हुआ है, जिन्हें भारत सरकार ने 26 मई से लागू कर दिया है। नए नियमों के अनुसार, व्हाट्सऐप और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भेजे और शेयर किए जाने वाले मैसेजेस के ओरिजनल सोर्स को ट्रैक करना जरूरी है। यानी अगर कोई गलत या फेक पोस्ट वायरल हो रही है तो सरकार कंपनी से उसके ऑरिजनेटर के बारे में पूछ सकती है और सोशल मीडिया कंपनियों को बताना होगा कि उस पोस्ट को सबसे पहले किसने शेयर किया था।

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    अधिकारी नियुक्त कर तय करें जवाबदेही

    नए नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियों को किसी पोस्ट के लिए शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। इसके लिए कंपनियों को तीन अधिकारियों (मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारी) को नियुक्त करना होगा। ये अधिकारी भारत के ही रहने वाले होने चाहिए और इनका कॉन्टेक्ट नंबर सोशल मीडिया वेबसाइट के अलावा एप पर होना अनिवार्य है ताकि लोग शिकायत कर सकें। इसके साथ ही अधिकारियों के लिए शिकायत का अपडेट देने के लिए 15 दिनों की समयसीमा भी तय की गई है। कंपनियों को पूरे सिस्टम पर नजर रखने के लिए स्टाफ रखने को कहा गया है।

    नए आईटी नियमों का सरकार ने बचाव किया है। सरकार की ओर से कहा गया कि इन नियमों से किसी की निजता का हनन नहीं होता है। नए आईटी नियमों के तहत देश की संप्रभुता या सार्वजनिक व्यवस्था और देश की सुरक्षा से जुड़े 'बेहद गंभीर अपराध' वाले संदेशों को रोकने या उसकी जांच के लिए ही उनके मूल स्रोत की जानकारी मांगने की जरूरत है।

    सरकार ने दिया था तीन माह का वक्त

    नए आईटी नियमों की घोषणा 25 फरवरी को की गई थी और ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसी सोशल मीडिया कंपनियों को इसे लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। नियमों का पालन न करने के परिणामस्वरूप इन सोशल मीडिया कंपनियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

    व्हाट्सएप ने खटखटाया अदालत का दरवाजा

    व्हाट्सएप ने भारत सरकार के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में नए आईटी नियमों को लेकर याचिका दायर की है, जिसमें नियमों का असंवैधानिक करार देते हुए रोकने का अनुरोध किया है। व्हाट्सएप का कहना है कि नए नियमों से यूजर्स की प्राइवेसी प्रभावित होगी। ये एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को तोड़ देगा और लोगों के निजता के अधिकार को मौलिक रूप से कमजोर कर देगा।

    क्या नए नियमों से व्हाट्सएप को होगा नुकसान?

    सवाल ये है कि क्या नए नियमों को मानने से व्हाट्सएप को नुकसान होगा? दरअसल, नए नियमों के तहत व्हाट्सएप को यूजर्स के सभी मैसेजेस को ट्रेस करना होगा और ऐसा करने से लोगों का व्हाट्सएप से भरोसा उठ जाएगा। व्हाट्सएप का कहना है कि चैट ट्रेस करना एक तरह से वैसे ही है जैसे हमारे यूजर्स के फिंगरप्रिंट की जानकारी मांगी जा रही हो।

    नए आईटी नियमों से आम लोगों को क्या नुकसान होगा? बता दें कि नए नियमों के अनुसार, व्हाट्सएप को सभी मैसेजेस को ट्रेस करना होगा और यूजर्स के सभी प्राइवेट मैसेजेस का हिसाब कंपनी के पास रहेगा। इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनियां यूजर्स का और भी ज्यादा डेटा कलेक्ट करेंगी।

    ...तो मौजूदा आईडी एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

    अगर कंपनियां नए नियमों को नहीं मानती हैं तो उन पर मौजूदा आईटी एक्ट के तहत ही कार्रवाई होगी। हाल ही में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि ये कोई कानून नहीं है और ये सिर्फ गाइडलाइन हैं। अगर सोशल मीडिया कंपनियां नई गाइडलाइन को फॉलो नहीं करती हैं तो उन पर मौजूदा आईटी कानून के तहत ही कार्रवाई होगी।

    गूगल, फेसबुक ने दिलाया सरकार को भरोसा

    व्हॉट्सएप ने इन नियमों को अदालत में चुनौती दी है, जबकि फेसबुक-गूगल ने अमल करने का भरोसा तो दिलाया है, लेकिन इसकी समयसीमा नहीं घोषित की है। वहीं, ट्विटर ने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले हैं। जानकारों का कहना है कि कंपनियां नए नियमों में कुछ बदलाव चाहती हैं। वे इनके क्रियान्वयन के लिए छह महीने की मोहलत देने की भी पक्षधर हैं।

    कू ने लागू किए नियम तो ट्विटर ने मांगा वक्त

    माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने केंद्र सरकार की तरफ से नई गाइडलाइन को लागू करने के लिए छह महीने का समय मांगा है। वहीं भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग साइट कू एप ने सरकार की गाइडलाइन को लागू कर दिया है।

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