Israel War: टेक CEO ने एक सुर में कहा- प्रधानमंत्री नेतन्याहू को अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए
Mobileye के प्रमुख शशुआ ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि हमले को रोकने में विफल रही है। हमले के बाद कड़ी कार्रवाई ना करना सरकार की सबसे बड़ी गलती है और सरकार दोषी भी है।

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हमास और इस्राइल का युद्ध आज करीब 22 दिनों से चल रहा है। इस युद्ध में करीब 1,400 इस्राइल नागरिकों की मौत हो चुकी है और 230 लोगों को बंधक बनाया गया है। इस्राइल टेक कंपनियों के लिए गढ़ है। ऐसे में इस युद्ध से टेक कंपनियों को भी काफी नुकसान हो रहा है। अब इस्राइल की कई टेक कंपनियों के सीईओ ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जल्द-से-जल्द हटाने का आह्वान किया है।
टेक फर्म वॉकमी के सीईओ और सह-संस्थापक डैन एडिका ने सेल्फ-ड्राइविंग ऑटो टेक्नोलॉजी फर्म मोबाइलये (Mobileye) के प्रमुख अम्नोन शाशुआ के उस बयान का समर्थन किया है जिसमें शाशुआ ने कहा था कि इस्राइल पर हमास आतंकवादियों का हमला नेतन्याहू और उनकी सरकार की विफलता है। इन दोनों के अलावा कई अन्य टेक सीईओ ने भी जिम्मेदारी स्वीकार ना करने को लेकर प्रधानमंत्री की कड़ी आलोचना की है।
Mobileye के प्रमुख शशुआ ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि हमले को रोकने में विफल रही है। हमले के बाद कड़ी कार्रवाई ना करना सरकार की सबसे बड़ी गलती है और सरकार दोषी भी है।
डैन एडिका ने कहा, "आमतौर पर हम युद्ध के बीच नेताओं को नहीं बदलते हैं लेकिन नेतन्याहू को जल्द-से-जल्द जाने की जरूरत है। हमें अब इस बारे में बात नहीं करनी चाहिए। हमले के बाद पीएम हमास के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में विफल रहे हैं। वह नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त नहीं हैं और उन्हें जाना होगा।'
हमले के बाद कई सुरक्षा प्रमुखों ने इस भारी विफलता के लिए जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है, लेकिन इस्राइल के पीएम ने ऐसा नहीं किया है। नेतन्याहू सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री हैं। पहली बार में उनका कार्यकाल 1996 से 1999 तक का था। फिर 2009 से 2021 तक वे सस्ता में रहे और फिर दिसंबर 2022 से पीएम की कुर्सी संभाल रहे हैं।
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