PAN Alert: कहीं आपके पैन कार्ड पर कोई फर्जी लोन तो नहीं? ऐसे चेक करें अपनी क्रेडिट रिपोर्ट और फ्रॉड से बचें
PAN card misuse check online
: ई-बैकिंग और ई-केवाईसी के दौर में पैन का गलत इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। हैकर्स आपके नाम पर लोन, क्रेडिट कार्ड या बैंक अकाउंट तक खोल सकते हैं, बिना आपके भनक पड़े। इस लेख में बताए गए कुछ आसान तरीकों से आप समय रहते इसका पता लगा सकते हैं और खुद को सुरक्षित भी रख सकते हैं।

विस्तार
Check CIBIL report for fake loans
: डिजिटल बैंकिंग के दौर में पैन कार्ड का दुरुपयोग करके फर्जी लोन या क्रेडिट कार्ड लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। इससे बचने के लिए CIBIL रिपोर्ट और इनकम टैक्स विभाग का AIS, Annual Information Statement (वार्षिक सूचना विवरण) समय-समय पर चेक करना सबसे कारगर तरीका माना जा रहा है। इस दोरान अगर कोई संदिग्ध एक्टिविटी दिखें, तो तुरंत साइबर सेल और संबंधित बैंक को सूचित करना अनिवार्य है।
How to detect PAN fraud: कैसे पता लगाएं कि कौन कर रहा आपके पैन का दुरुपयोग?
अगर आप पता लगाना चाहते हैं कि आपका पैन सुरक्षित है या नहीं, तो क्रेडिट रिपोर्ट जरूर चेक करें। ये आप ट्रांसयूनियन CIBIL, एक्सपीरियन और इक्विफैक्स एजेंसियों से आसानी से चेक कर सकते हैं। इन वेबसाइट्स पर आपको साल में एक बार फ्री क्रेडिट रिपोर्ट मिल जाएगाी। रिपोर्ट में आपको ध्यान देना होगा कि कोई अनजान लोन या क्रेडिट कार्ड तो नहीं है। साथ ही अज्ञात बैंक अकाउंट या ऐसी कोई पूछताछ को ध्यान से देखें, जो आपने कभी न की हो और उसमें दिखा रहा हो।इसके अलावा आप Google Pay, Paytm और CRED जैसे एप्स से भी अपना क्रेडिट स्कोर देख सकते हैं।
AIS और Form 26AS चेक करें
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट या Form 26AS डाउनलोड करें। इसमें आपके पैन से जुड़ी हर बड़ी जानकारी होती है, जैसे आपके बैंक अकाउंट्स, मिला हुआ ब्याज और हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन। अगर यहां कोई अनजान खाता दिखे, तो समझ जाएं कि गड़बड़ है।
Income Tax AIS portal guide: ये संकेत दिखें तो सतर्क हो जाएं
- अचानक आपका क्रेडिट स्कोर गिर जाना।
- अनजान बैंक या NBFC से कॉल आना।
- बिना अप्लाई किए लोन रिजेक्ट हो जाना।
- बैंक स्टेटमेंट में संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखने पर।
- ये सभी PAN misuse के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

- तुरंत क्रेडिट ब्यूरो में डिस्प्यूट दर्ज कराएं।
- साइबर सेल या पुलिस में शिकायत करें।
- अपने बैंक को तुरंत जानकारी दें।
- जरूरत पड़े तो पैन सिक्योरिटी के लिए इनकम टैक्स विभाग से भी संपर्क करें।