इप्सोस सर्वे: एआई से दूर होगी गरीबी, 77% भारतीयों को उम्मीद, 82% ने कहा- 5 साल में बदल जाएगी जिंदगी

जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजलज मिश्रा
Thu, 15 Feb 2024 05:16 AM IST
सार

गूगल के लिए इप्सोस द्वारा किए गए ताजा सर्वेक्षण से पता चला है कि दुनियाभर में एआई को लेकर सबसे अधिक उत्साह भारतीयों में हैं। अध्ययन में 17 देशों के 1,700 लोगों को शामिल किया गया। सभी आॅनलाइन माध्यम से इसमें शामिल हुए थे।

विज्ञापन
Ipsos survey AI will eliminate poverty 77% Indians are hopeful
AI Tool - फोटो : सोशल मीडिया

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) गरीबी कम करने में मददगार साबित होगा। 77 फीसदी भारतीय इसको लेकर आशान्वित है। इतना ही नहीं 82 फीसदी भारतीयों का मानना है कि अगले पांच साल में नौकरियों और उद्योगों में एआई आधारित बदलाव उनकी जिंदगी बदल देंगे।

    गूगल के लिए इप्सोस द्वारा किए गए ताजा सर्वेक्षण से पता चला है कि दुनियाभर में एआई को लेकर सबसे अधिक उत्साह भारतीयों में हैं। अध्ययन में 17 देशों के 1,700 लोगों को शामिल किया गया। सभी आॅनलाइन माध्यम से इसमें शामिल हुए थे। इनमें से 82 फीसदी भारतीय यह उम्मीद करते हैं कि एआई से उन्हें स्वास्थ्य, रोजगार और जटिल विषयों को समझने में लाभ होगा जबकि वैश्विक स्तर पर ऐसा मानने वाले 54 फीसदी से अधिक हैं।

    विज्ञापन

    जमीनी विकास को लेकर मिलेंगे सकारात्मक परिणाम

    अधिकांश भारतीयों को उम्मीद है कि एआई अगले 5 साल में जमीनी विकास को लेकर जो चुनौतियों उनका समाधान करेगी। वहीं, 86 फीसदी का कहना है कि इससे परिवहन में वृद्धि होगी। सर्वे में शामिल 70 फीसदी से अधिक भारतीयों ने पहले ही एआई के अच्छे प्रभाव (विशेषतौर से जानकारी पाने के लिए) को महसूस किया है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    व्यक्तिगत लाभ की 80 फीसदी को उम्मीद

    80 फीसदी को उम्मीद है कि इससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से लाभ होगा। उनका मानना है कि एआई स्वास्थ्य, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, व्यक्तिगत शिक्षा, पहुंच और अंतरिक्ष अन्वेषण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सर्वे के अनुसार 95 फीसदी भारतीय अपने कार्यस्थल पर एआई के बारे में चर्चा करते हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह औसत 65 फीसदी है। बेन पेज, इप्सोस के सीईओ ने कहा कि एआई के साथ हमारा जीवन पर किए गए सर्वेक्षण से वैश्विक चुनौतियों के बीच एआई की क्षमता को पहचानने के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि एआई कैसे डाटा विश्लेषण को बढ़ाते हुए दुनिया में सकारात्मक योगदान दे सकता है।

    वहीं, गूगल इंडिया के उपाध्यक्ष, संजय गुप्ता ने कहा कि यह एआई-संचालित कंपनी के रूप में उनके फोकस के लिए बढ़िया बात है। इप्सोस सर्वेक्षण से पता चलता है कि भारतीयों को समावेशी आर्थिक विकास में योगदान के लिए एआई से बहुत उम्मीदें हैं।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें