काम की बात: इन्वर्टर या नॉन-इन्वर्टर, दोनों में क्या है अंतर और किसे खरीदने में होगा फायदा?
एसी की जब बात होती है तो दो चीजें सामने निकलर आती हैं। इंन्वर्टर और नॉन- इंन्वर्टर। यहां सवाल यह है कि इन्वर्टर एसी और नॉन-इन्वर्टर एसी में से दोनों में अंतर क्या है और आपको कौन-सा खरीदना चाहिए।

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गर्मी बढ़ने के बाद एसी मांग हद से ज्यादा हो गई है और साथ ही एसी में आग लगने की भी घटनाओं में काफी इजाफा देखने को मिल रहा है। एसी की जब बात होती है तो दो चीजें सामने निकलर आती हैं। इंन्वर्टर और नॉन- इंन्वर्टर। यहां सवाल यह है कि इन्वर्टर एसी और नॉन-इन्वर्टर एसी में से दोनों में अंतर क्या है और आपको कौन-सा खरीदना चाहिए।
इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर एसी जो बड़ा फर्क होता है वह कंप्रेसर का है। इन्वर्टर एसी में वेरिएबल स्पीड कंप्रेसर होता है और नॉन-इन्वर्टर एसी में फिक्स्ड स्पीड कंप्रेसर होता है। वेरिएबल स्पीड कंप्रेसर कम बिजली की खपत करता है और आवाज भी कम करता है, जबकि फिक्स्ड स्पीड कंप्रेसर इसके विपरित है। इन्वर्टर एसी, नॉन-इन्वर्टर एसी की तुलना में 30% तक बिजली बचाते हैं।
नॉन-इन्वर्टर एयर कंडीशनर ऑन/ऑफ सिस्टम का इस्तेमाल होता है जिसकी मदद से एक नियमित अंतराल पर कंप्रेसर को चालू और बंद किया जाता है। यह इनवर्टर की तुलना में अधिक ऊर्जा की खपत करता है। दूसरी तरफ इन्वर्टर एसी पल्स विड्थ मॉड्यूलेशन (PWM) का इस्तेमाल करता है जो यह तय करता है कि कंप्रेसर को बंद होने के बाद फिर से चालू होने में कितना समय लगता है। इससे एसी की लाइफ लंबी होती है।
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