Internet Shutdown: इंटरनेट बंद करने के मामले में भारत नंबर-1, एक साल में 84 बार सरकार ने बंद किया नेट

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 01 Mar 2023 10:34 AM IST
सार

भारत में साल 2021 में 1,157 घंटे इंटरनेट बंद रहा, जिससे 582.8 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इंटरनेट बंद होने से 5.9 करोड़ लोग भी प्रभावित हुए थे। प्रशासन की ओर से देश में पिछले साल 84 बार इंटरनेट बंद किया गया है। इंटरनेट बंद के प्रमुख कारण प्रदर्शन, हिंसा, परीक्षा और चुनाव हैं।

Internet shutdown in 2022 India tops list of global internet shutoffs
internet shutdown - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    वैसे तो कई देशों में सुरक्षा के मद्देनजर सरकार की ओर से इंटरनेट को बंद किया जाता है, लेकिन इस मामले में भारत सरकार का कोई तोड़ नहीं है। दुनियाभर में इंटरनेट बंद करने के मामले में भारत पहले पायदान पर है और भारत के नाम यह उपलब्धि पिछले पांच साल से है। इसकी जानकारी Access Now और KeepItOn coalition ने अपनी रिपोर्ट में दी है। भारत में इंटरनेट शटडाउन का सिलसिला 2016 से ही चल रहा है।

    प्रशासन की ओर से देश में पिछले साल 84 बार इंटरनेट बंद किया गया है। इंटरनेट बंद के प्रमुख कारण प्रदर्शन, हिंसा, परीक्षा और चुनाव हैं। साल 2022 में केवल जम्मू-कश्मीर में 49 बार इंटरनेट बंद किया गया है जिसमें 16 बार लगातार इंटरनेट बंद किया गया है जो कि जनवरी से लेकर फरवरी 2022 के बीच हुआ है। जम्मू-कश्मीर के बाद राजस्थान दूसरे नंबर पर है जहां एक साल में 12 बार इंटरनेट बंद किया गया। तीसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है जहां सात बार इंटरनेट शटडाउन हुआ है।

    साल 2016 के बाद से भारत में लगातार इंटरनेट शटडाउन किया जा रहा है। 2016 के बाद से ही ग्लोबली इंटरनेट शटडाउन में भारत की हिस्सेदारी 58 फीसदी है। वर्तमान में इंटरनेट शटडाउन के आदेश दूरसंचार सेवाओं के अस्थायी निलंबन (सार्वजनिक आपातकाल या सार्वजनिक सुरक्षा) नियम, 2017 के तहत दिए जाते हैं। DoT द्वारा बनाए गए नियम कहते हैं कि अस्थायी निलंबन "सार्वजनिक आपातकाल या सार्वजनिक सुरक्षा के कारण" हो सकता है। इंटरनेट शटडाउन का अधिकार केंद्रीय और राज्य स्तर पर गृह मंत्रालय के पास है।

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