Plazma Stove: बिना गैस और धुएं के पकेगा खाना, जाने क्या है प्लाज्मा इलेक्ट्रिक स्टोव, बदल रहा कुकिंग का तरीका

Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Sat, 11 Apr 2026 01:33 PM IST
सार

Plasma electric stove India

: भारत में बढ़ती एलपीजी कीमतों और स्वच्छ ऊर्जा की मांग के बीच नया प्लाज्मा इलेक्ट्रिक स्टोव चर्चा में है। यह स्टोव बिना गैस के, सिर्फ बिजली से एलपीजी जैसी लौ पैदा करता है। यह टेक्नोलॉजी भविष्य में कुकिंग को सुरक्षित, तेज और पर्यावरण के अनुकूल बना सकती है।

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Indian Kitchen Set Transform: Discover What Plasma Electric Stove
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik

    विस्तार

    APAPL plasma flame stove

    : एलपीजी की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं? तो यह नई टेक्नोलॉजी आपके लिए काफी कमाल की हो सकती है। प्लाज्मा इलेक्ट्रिक स्टोव न केवल गैस का विकल्प है, बल्कि यह इंडक्शन की कमियों को भी दूर करता है। इसमें आप लोहे से लेकर स्टील तक, किसी भी बर्तन में बिना किसी झंझट के खाना बना सकते हैं।

    Future of cooking technology

    : केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की ओर से हाइलाइट किया गया प्लाज्मा इलेक्ट्रिक स्टोव कुकिंग का भविष्य बनने काे तैयार है। यह प्लाज्मा आर्क टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जो बिजली से हवा को आयनाइज (Ionise) करके 1300°C तक की शक्तिशाली लौ पैदा करता है। इसमें गैस की जरूरत नहीं होती, यह 80-90% से अधिक ऊर्जा कुशल है और रोटी-तड़का जैसे भारतीय व्यंजनों के लिए एकदम उपयुक्त है।

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    How plasma stove works: क्यों खास है यह प्लाज्मा स्टोव?

    कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी?

    सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि यह इंडक्शन नहीं है, इंडक्शन में केवल खास बर्तन चाहिए होते हैं, लेकिन प्लाज्मा स्टोव में बिजली से हवा को आयनाइज करके प्लाज्मा फ्लेम (लौ) बनाई जाती है। इसमें न तो गैस जलती है और न ही कोई हानिकारक धुआं जैसे कालिख निकलता है।

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    एलपीजी vs इंडक्शन vs प्लाज्मा

    • एलपीजी: रिसाव का खतरा और सिलिंडर की झंझट हो जाएगी।
    • इंडक्शन: बर्तनों की पाबंदी और असली फ्लेम का अभाव मिलेगा।
    • प्लाज्मा स्टोव:यह दोनों का परफेक्ट मिश्रण है। इसमें गैस जैसी लौ भी है और बिजली की स्वच्छता भी। यह किसी भी बर्तन (एल्युमिनियम, स्टील, लोहा) के साथ काम करता है।
    • सेफ्टी फर्स्ट: कोई गैस लीकेज नहीं, ओवरहीट प्रोटेक्शन और ऑटो शट-ऑफ जैसे फीचर्स मिलते हैं।
    • दक्षता: 80–90% से अधिक एफिशिएंसी, यानी बिजली की बर्बादी न के बराबर।
    • उपयोग: यह 2500W से 6000W तक के पावर विकल्पों में उपलब्ध है, जो इसे घरों के साथ-साथ रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन के लिए भी बेस्ट बनाता है।

    भारत के लिए इतना जरूरी क्यों?

    पीएम सूर्या घर जैसी सौर ऊर्जा योजनाओं के साथ मिलकर, यह स्टोव भविष्य में पूरी तरह सोलर-पावर्ड कुकिंग का सपना सच कर सकता है। इससे न केवल विदेशी गैस पर निर्भरता कम होगी, बल्कि यह पूरी तरह से जीरो एमिसन यानी की कार्बन-मुक्त रसोई बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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