NavIC: भारतीय जीपीएस से लैस होगी आधार नामांकन किट, अमेरिकी GPS की होगी छुट्टी, अंतरिक्ष विभाग ने की घोषणा
डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस ने कहा कि विभाग ने फील्ड टेस्टिंग में इसका सफल संचालन किया है और इसके लिए टेक्निकल उपकरणों पर काम चल रहा है।

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अंतरिक्ष विभाग (DoS) ने विज्ञान की संसदीय समिति को बताया कि नेविगेशन विद इंडियन कांस्टेलेशन (NavIC) को जल्द आधार नामांकन डिवाइसेस में एकीकृत किया जाएगा। समिति के सवालों के जवाब देते हुए डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस ने कहा कि विभाग ने फील्ड टेस्टिंग में इसका सफल संचालन किया है और इसके लिए टेक्निकल उपकरणों पर काम चल रहा है। बता दें कि वर्तमान में आधार नामांकन किट जिनका उपयोग व्यक्तिगत विवरण एकत्र करने और सत्यापित करने के लिए किया जाता है, अमेरिकी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम से जुड़े हुए हैं।
वर्तमान में आधार नामांकन किट में अमेरिकी नेविगेशन जीपीएस से जुड़ें हैं। हालांकि, जल्द इसकी जगह NavIC का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार नाविक के साथ स्वदेशी टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इसी दिशा में डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस ने आधार नामांकन किट के साथ इसका परीक्षण किया है।
बता दें कि NavIC दो सेवाएं प्रदान करता है। पहला- स्टैंडर्ड पोजीशन सर्विस (SPS) और दूसरा-प्रतिबंधित सेवा (RS) है। ये दोनों सेवाएं L5 (1176.45 MHz) और S बैंड (2498.028 MHz) दोनों में प्रदान की जाती हैं। NavIC कवरेज क्षेत्र में भारत और भारतीय सीमा से परे 1,500 किमी तक का क्षेत्र शामिल है। नए उपग्रहों में L1 नामक एक अतिरिक्त बैंड होगा जो नागरिक उपयोग के इस्तेमाल किया जाएगा।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (NDMA) पहले से ही भूस्खलन, भूकंप, बाढ़ और हिमस्खलन जैसी प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी और चेतावनी जारी करने के लिए नाविक की मदद ले रही है। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना प्रणाली केंद्र (INCOIS) भी इसका इस्तेमाल कर रहा है। इसकी मदद से गहरे समुद्र में जाने वाले मछुआरों को चक्रवात, ऊंची लहरें और सुनामी से जुड़ी चेतावनी जारी की जाती है।
केंद्र सरकार स्मार्टफोन में भी नाविक को लैस करने की दिशा में काम कर रहा है। हाल ही में सरकार ने भारत में सेल फोन निर्माताओं पर अपने डिवाइस को NavIC के अनुकूल बनाने के लिए भी निर्देश दिए हैं। DoS ने संसदीय समिति को बताया कि इंडस्ट्री ने पहले ही 5G हैंडसेट में NavIC को शामिल करने की इच्छा व्यक्त की है।