इंडोनेशिया में भारत ने लॉन्च किया AI अवतार देवी: अब आसान होंगी व्यापारिक सेवाएं, दूतावास में कैसे करेगी मदद?
डिजिटल दुनिया में भारत ने एक और बड़ा और इनोवेटिव कदम उठाया है। जकार्ता के भारतीय दूतावास ने एआई (AI) आधारित एक नया वर्चुअल अवतार ‘देवी’ (Devi) पेश किया है। यह डिजिटल अवतार भारतीय संस्कृति, पर्यटन, स्कॉलरशिप, व्यापार और कांसुलर सेवाओं से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी लोगों तक आसानी से पहुंचाएगा। नवरात्रि के अवसर पर लॉन्च हुआ यह एआई अवतार भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में मददगार साबित हो सकता है। आइए जानते हैं भारतीय दूतावास की इस पहल और एआई अवतार 'देवी' के बारे में...

विस्तार
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास ने लोगों तक भारत से जुड़ी जानकारियां पहुंचाने के लिए एआई पर आधारित डिजिटल अवतार देवी पेश किया है। यह अवतार भारतीय संस्कृति, पर्यटन, छात्रवृत्ति, कारोबार, निवेश के अवसरों और कांसुलर सेवाओं से संबंधित अपडेट साझा करेगा। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से भारत-इंडोनेशिया साझेदारी से जुड़ी जानकारियों को व्यापक ऑनलाइन दर्शकों तक पहुंचाना है।
इंडोनेशिया में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती ने इस पहल की जानकारी दी है। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने नए एआई अवतार का परिचय कराया और लिखा कि मिलिए जाकार्ता स्थित भारतीय दूतावास के नए AI चेहरे देवी से।
क्या काम करेगी एआई अवतार देवी?
भारतीय दूतावास के अनुसार, देवी के माध्यम से भारतीय संस्कृति, पर्यटन, छात्रवृत्ति, व्यापार, निवेश के अवसरों और वाणिज्य दूतावास से जुड़ी सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। इसके जरिए भारत और इंडोनेशिया के बीच साझेदारी से जुड़ी गतिविधियों और कहानियों को भी सामने लाया जाएगा। दूतावास ने लोगों से अपने सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करने और ‘देवी’ के साथ जुड़ने की अपील की है, ताकि उन्हें भारत-इंडोनेशिया संबंधों से जुड़े अपडेट मिल सकें।
नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर हुई शुरुआत
भारतीय रादूत संदीप चक्रवर्ती ने नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर इस पहल का उल्लेख करते हुए एक्स पर लिखा कि शुभ अवसर पर उनका एआई अवतार ‘देवी’ अपने फॉलोअर्स का मार्गदर्शन करने के लिए तैयार है।
इस पहल के जरिए दूतावास डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी गतिविधियों और दोनों देशों के बीच सहयोग से जुड़ी जानकारी को अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह साफ नहीं किया गया है कि देवी लोगों के सवालों का जवाब रियल टाइम में दे सकेगी या फिलहाल इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से जानकारी और अपडेट साझा करने के लिए किया जाएगा।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिलेगी डिजिटल मजबूती?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014 से भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत भारत और इंडोनेशिया के बीच राजनीतिक, सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार हुआ है।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने 12 और 13 सितंबर को आयोजित 2026 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत का दौरा किया था। ऐसे में देवी जैसी डिजिटल पहल दोनों देशों के बीच सहयोग, सांस्कृतिक जुड़ाव और कारोबार से संबंधित जानकारियों को ऑनलाइन माध्यम से साझा करने का एक नया जरिया बन सकती है।
एआई के इस्तेमाल पर नियम बनाने की जरूरत: जयशंकर
जहां एक तरफ दूतावासों में एआई का सकारात्मक इस्तेमाल देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनियंत्रित विकास और इस्तेमाल को लेकर वैश्विक स्तर पर सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के प्रधान संपादक जॉन मिकलथवेट के साथ बातचीत में जयशंकर ने कहा कि एआई की तुलना अन्य तकनीकों, यहां तक कि परमाणु तकनीक से भी करना मुश्किल है। इसकी वजह इसका व्यापक इस्तेमाल और इससे प्रभावित होने वाले लोगों की बड़ी संख्या है।
लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर एआई के असर को लेकर चिंता
इतना ही नहीं, जयशंकर ने लोकतांत्रिक समाजों पर एआई के संभावित प्रभावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने खासकर राजनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि समाज में यह सवाल जरूरी है कि AI राजनीति और राजनीतिक प्रक्रियाओं को किस तरह प्रभावित करेगा, क्योंकि लोकतंत्र की विश्वसनीयता बनाए रखने में इन प्रक्रियाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
डिजिटल कूटनीति में एआई की बढ़ती भूमिका
एआई अवतार देवी की शुरुआत दिखाती है कि डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल अब सरकारी और कूटनीतिक संवाद में भी किया जा रहा है। ऐसे डिजिटल माध्यमों से संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा और कारोबार से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाना आसान हो सकता है।