AI: 'भारतीय एआई स्टार्टअप्स को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में काम करना चाहिए', बोले प्रधानमंत्री मोदी

कुमार विवेक
टेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीकुमार विवेक
Thu, 08 Jan 2026 06:15 PM IST
सार

पीएम मोदी ने गुरुवार को एआई स्टार्टअप्स को 'मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड' का मंत्र दिया। उन्होंने एआई स्टार्टअप्स से नैतिक और समावेशी तकनीक पर जोर देते हुए उन्होंने ग्लोबल लीडर बनने का आह्वान किया। जानें हाई-लेवल मीटिंग की प्रमुख बातें।

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Indian AI startups should work towards global leadership: PM Modi
पीएम मोदी - फोटो : PTI

    विस्तार

    भारत पर दुनिया का भरोसा ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि भारतीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा गोपनीयता सिद्धांतों पर आधारित हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार ये बातें कही।

    'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के शीर्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्टार्टअप्स के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने संदेश दिया कि भारतीय स्टार्टअप्स को केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें वैश्विक नेतृत्व की दिशा में काम करना होगा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि दुनिया का भारत पर भरोसा ही देश की सबसे बड़ी ताकत है, और इसे बनाए रखने के लिए भारतीय एआई मॉडल्स का नैतिक, निष्पक्ष और पारदर्शी होना जरूरी है।

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    नैतिकता और डेटा गोपनीयता पर जोर

    प्रधानमंत्री ने तकनीक के मानवीय पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि एआई के विकास में डेटा प्राइवेसी के सिद्धांतों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के पास वह क्षमता है जिससे वह दुनिया के सामने 'किफायती एआई', 'समावेशी एआई' और 'फ्रुगल इनोवेशन' (कम लागत में बेहतर नवाचार) का उदाहरण पेश कर सके। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को दुनिया के सामने एक ऐसा अनूठा एआई मॉडल पेश करना चाहिए जो 'मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड' की भावना को प्रतिबिंबित करता हो।

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    राउंडटेबल बैठक के दौरान, पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि भारतीय एआई मॉडल्स को अलग और विशिष्ट होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि इन मॉडल्स को स्थानीय और स्वदेशी कंटेंट को बढ़ावा देना चाहिए और क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका मानना है कि स्टार्टअप्स और एआई उद्यमी ही देश के भविष्य के 'सह-निर्माता' हैं। भारत में नवाचार और बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन दोनों की अपार क्षमता है, जो समाज में बड़ा बदलाव लाने में सक्षम है।

    कौन से स्टार्टअप्स हुए शामिल?

    इस महत्वपूर्ण बैठक में उन 12 भारतीय एआई स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया जिन्होंने अगले महीने होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए 'एआई फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज' के लिए क्वालीफाई किया है। इन कंपनियों ने पीएम के सामने अपने विचार और कार्य प्रस्तुत किए। बैठक में अवतार, भारतजेन, फ्रैक्टल, गैन, जेन लूप, ज्ञानी, इंटेलीहेल्थ, सर्वम, शोध एआई, सॉकेट एआई, टेक महिंद्रा और जेंटिक के सीईओ और प्रतिनिधि शामिल थे। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी इस दौरान मौजूद रहे।

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