Cyber Attacks: साइबर हमलों के केंद्र में भारत, आईटी से लेकर टेलीकॉम सेक्टर तक खतरे में, 13% डिवाइस प्रभावित

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Fri, 22 Aug 2025 02:26 PM IST
सार

India At The Centre of Cyber Attacks:

भारत साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा निशाना बन गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2025 में यहां 12.4% विंडोज डिवाइस मैलवेयर से प्रभावित पाए गए। जून में यह आंकड़ा बढ़कर 13.2% हो गया, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।

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india top target of cyberattacks over 13 percent windows systems found malware june 2025 report
साइबर हमला (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik

    विस्तार

    भारत अब दुनिया में साइबर हमलों का सबसे बड़ा लक्ष्य बन चुका है। स्विस साइबर सुरक्षा कंपनी Acronis की Cyberthreats Report 2025 के अनुसार, मई 2025 में भारत के 12.4% विंडोज डिवाइस मैलवेयर से प्रभावित पाए गए। जून में यह आंकड़ा और बढ़कर 13.2% तक पहुंच गया, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का डिजिटल इकोसिस्टम "परफेक्ट स्टॉर्म" जैसी स्थिति का सामना कर रहा है, जिसमें कई खतरनाक कारक एक साथ काम कर रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा खतरा मैलवेयर है, जो एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर या नेटवर्क में घुसपैठ कर संचालन को बाधित करता है।

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    बिजनेस पर बढ़े हमले

    साइबर हमलों का एक बड़ा हिस्सा बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक ईमेल पर हमले 2024 की शुरुआत के 20% से बढ़कर 2025 की पहली छमाही में 25.6% हो गए। साइबर अपराधी अब AI टूल्स का इस्तेमाल कर फर्जी ईमेल, इनवॉइस और यहां तक कि डीपफेक स्कैम तैयार कर रहे हैं, जिन्हें पहचान पाना बेहद मुश्किल है।

    साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों के मुताबिक, कोविड-19 के बाद से हाइब्रिड वर्क मॉडल ने कंपनियों को कमजोर बना दिया है। सार्वजनिक इंटरनेट नेटवर्क पर असुरक्षित रिमोट सेटअप सबसे आसान टारगेट बन गए हैं।

    जोखिम में है आईटी और टेलीकॉम सेक्टर

    रिपोर्ट में बताया गया कि मैन्युफैक्चरिंग, आईटी सर्विसेज और टेलीकॉम सेक्टर भारत में सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। साइबर अपराधी रैनसमवेयर कार्टेल जैसे Cl0p, Akira और Qilin के जरिए हमले बढ़ा रहे हैं। साथ ही, भरोसेमंद सॉफ्टवेयर जैसे रिमोट मैनेजमेंट टूल्स का हथियार की तरह इस्तेमाल कर मैलवेयर फैलाया जा रहा है। रैनसमवेयर हमलों में अपराधी सिस्टम और फाइलों को लॉक कर देते हैं और उन्हें वापस पाने के लिए फिरौती की मांग करते हैं।

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    रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि अब केवल रोकथाम (prevention) पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। कंपनियों को resilience और rapid recovery पर ध्यान देना ही होगा, क्योंकि भारत अब वैश्विक साइबर खतरों का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन चुका है।

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