साइबर हमले से अछूता नहीं भारत, आंद्रा पुलिस का नेटवर्क हुआ हैक

फिरौती के लिए दुनिया के करीब 100 देशों में हुए साइबर हमले से भारत भी अछूता नहीं है। भारत में आंध्र प्रदेश के पुलिस विभाग के कंप्यूटरों पर रैनसमवेयर (फिरौती) हमले के प्रभाव के तहत प्रदेश की पुलिस का करीब 25 फीसदी इंटरनेट नेटवर्क शनिवार की सुबह ठप पड़ गया।
इस बीच भारत सरकार के साइबर सुरक्षा दस्ते सीईआरटी-इन ने आरबीआई, स्टॉक मार्केट और एनपीसीएल समेत देश के सभी संस्थानों को अलर्ट जारी किया है। सरकार ने उन्हें वैश्विक हमले से प्रभाव से सचेत करते हुए क्या करें और क्या न करें की सूची जारी की है।
सरकार ने सभी संस्थानों को इस हमले के प्रति आगाह करते हुए प्रासंगिक उपायों को इंस्टॉल करने के बारे में भी बताया है। अधिकृत जानकारी के मुताबिक फिलहाल इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) के संज्ञान में देश के भीतर कोई बड़ी घटना प्रकाश में नहीं आई है।
जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

दूसरी तरफ, हेल्सिंकी की साइबर सुरक्षा कंपनी एफ-सिक्योर के मुख्य अनुसंधान अधिकारी मिक्को हायपोनन ने बताया कि शुक्रवार को हुए साइबर हमले का प्रभाव रूस और भारत पर खासतौर पर पड़ा है, क्योंकि इन देशों में अभी भी विंडोज एक्सपी के पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम पर बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। भारत यदि इस बड़े हमले से थोड़ा बहुत बचा है तो सिर्फ इसलिए क्योंकि देश में अभी भी कंप्यूटर नेटवर्क उतना विस्तृत नहीं है जितना यूरोप और अमेरिका में।
भारत के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एक-दो दिन में पता चलेगा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों पर इसका क्या असर हुआ है। साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल ने बताया कि भारत में जितने भी बड़े सर्वर मौजूद हैं वे हैकिंग प्रूफ नहीं हैं, इसलिए यहां इस हमले का असर आगामी दिनों में पड़ सकता है। यहां हम अक्सर तभी जागते हैं जब कोई बड़ा साइबर हमला हो जाता है।
दुग्गल ने कहा कि देश में न तो क्लाउड कंप्यूटिंग सुरक्षित है और न ही साइबर सुरक्षा को लेकर कोई कानून बनाए गए हैं, इसलिए हालात काफी गंभीर हैं। आंध्र प्रदेश में पुलिस विभाग के कंप्यूटरों पर फिरौती हमले का सीधा प्रभाव फिलहाल सामने आया है। हालांकि एहतियातन प्रदेश के पुलिस विभाग में कंप्यूटरों को लॉग-ऑफ कर दिया गया है।