भारत के नए संचार उपग्रह GSAT-31 से सुधरेगी ATM, DTH की कनेक्टिविटी

भारत ने बुधवार यानि 6 फरवरी को अपना नया संचार उपग्रह GSAT-31 सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। GSAT-31 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation) इसरो (ISRO) ने यूरोपीय कंपनी एरियनस्पेस की मदद से बुधवार को सुबह 2:31 बजे फ्रेंच गुयाना के स्पेसपोर्ट से लॉन्च किया। जीसैट-31 की के लॉन्च होने से टीवी अपलिंकिंग, डीटीएच और एटीएम की सुविधाएं सुधेरगी।
जीसैट-31 की खासियतें
जीसैट-31 अंतरिक्ष में 15 सालों तक आराम से अपनी सेवा देगा। इसका वजन 2,535 किलोग्राम है। जीसैट-31 भारत का 40वां संचार उपग्रह है। इस सैटेलाइट की मदद से मोबाइल नेटवर्क में भी सुधार होगा और कॉल ड्रॉप की कम समस्या होगी। साथ ही जीसैट-31 का फायदा स्टॉक एक्सचेंज को भी होगा, हालांकि इसका सबसे ज्यादा फायदा अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के इलाके को होगा।
अंतरिक्ष में रहने के लिए जीसैट-31 को 4.7 किलोवॉट पावर की जरूरत होगी। इस उपग्रह में फ्रीक्वेंसी कवरेज एवं ऑर्बिटल लोकेशन के संदर्भ में अधिक सहूलियतें प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही केयू बैंड स्पेक्ट्रम का कुछ हिस्सा पहली बार भारतीय उपग्रहों में उपयोग किया जाएगा।
जीसैट-31 सैटेलाइट को इसरो के परिष्कृत I-2K बस पर स्थापित किया गया है।इसकी लॉन्चिंग एरिएन-5 (वीए247) प्रक्षेपण यान से की गई। जीसैट-31 के साथ सऊदी अरब का जियोस्टेशनरी सैटेलाइट 1/हेलास सैट4 भी लॉन्ट किया गया। इसरों की मानें तो जीसैट-31 के कक्षा में जाने से केयू बैंड ट्रांसपोंडर मजबूत होगा।