आईएमसी 2026: एआई चश्मे से लेकर स्वदेशी ‘विहान’ चिप तक, इंडिया मोबाइल कांग्रेस में दिखा टेक्नोलॉजी का जलवा
India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में भारत की टेक्नोलॉजी और स्वदेशी इनोवेशन की झलक देखने को मिली। इस आयोजन में एआई चश्मे, बैटरी में पानी की चेतावनी देने वाली तकनीक, 64-बिट स्वदेशी चिप और एक साथ हजारों ड्रोन कंट्रोल करने वाले सिस्टम जैसे इनोवेशन पेश किए गए। साथ ही, 2047 तक 50 स्वदेशी टेक ब्रांड तैयार करने का विजन भी सामने रखा गया। आइए जानते हैं आईएमसी 2026 की प्रदर्शनी में क्या-क्या देखने को मिला...

विस्तार
भारत में टेक्नोलॉजी अब सिर्फ स्मार्टफोन और इंटरनेट तक सीमित नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, स्मार्ट खेती और ड्रोन जैसे क्षेत्रों में भी नए प्रयोग हो रहे हैं। नई दिल्ली में चल रहे इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में इन बदलावों की झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्घाटन किया। इस मौके पर कई स्वदेशी टेक्नोलॉजी और डिवाइस पेश किए गए। साथ ही, 2047 तक भारत में 50 स्वदेशी टेक ब्रांड विकसित करने का विजन भी सामने रखा गया।
चार प्रमुख स्तंभों पर टिका IMC 2026
10 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ रखी गई है। इसका मकसद टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेवाओं को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के साथ भारत में इनोवेशन को बढ़ावा देना है।
इस बार आयोजन में चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। इनमें नए इनोवेशन तैयार करना, कनेक्टिविटी बढ़ाना, डिजिटल सेवाओं को आसान बनाना और सुरक्षा मजबूत करना शामिल है। पेश की गई तकनीकों का उद्देश्य रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर खेती, कारोबार और डिजिटल सुरक्षा तक कई कामों को आसान बनाना है।
जिंदगी आसान बनाने वाली 6 अनोखी टेक्नोलॉजीज
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में हिस्सा लेने आई कई कंपनियों अनोखे टेक प्रोडक्ट्स की प्रदर्शनी लगाई है। इस आयोजन के पवेलियन में ऐसे कई इनोवेटिव डिवाइसेज प्रदर्शित किए गए हैं, जो आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सुरक्षित और आसान बनाने वाले हैं।
1. दृष्टिबाधितों की आंख बनेगा अनोका एआई चश्मा
इस प्रदर्शनी में 'टार्चिट' नाम का एआई चश्मा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इसकी खास बात यह है कि यह एआई-पावर्ड स्मार्ट चश्मा दृष्टिबाधित लोगों के लिए तैयार किया गया है। यह सामने मौजूद व्यक्ति, उनके कपड़ों के रंग और आसपास की स्थिति व सामान की पहचान कर बोलकर यूजर को अलर्ट देता है। यह बिना इंटरनेट यानी पूरी तरह ऑफलाइन भी काम करता है।
2. बैटरी से चलने वाली नाव
'आईई4-मरीन टेक्नोलॉजीज' की ओर से पानी के भीतर खतरे भांपने वाली बैटरी बोट्स पेश की गई हैं। डीजल-पेट्रोल के बजाय पूरी तरह बिजली से चलने वाली यह बोट एक्वा स्कैनर और एक्वानाट सेंसर से लैस है, जो 4G, 5G या सीधे सैटेलाइट से जुड़कर चट्टानों, मलबे और गहराई के जोखिम की सटीक चेतावनी देती है।
3. स्वदेशी 64-बिट चिप 'विहान' रोकेगा साइबर हमले
भारत सरकार के उपक्रम सेंटर फॉर डेवलप्मेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक) ने वेगा आरआईएससी-वी (RISC-V) सीपीयू पर आधारित पूरी तरह स्वदेशी सिस्टम-ऑन-चिप 'विहान' को शोकेस किया गया। यह चिप टेलीकॉम नेटवर्क्स में बैकडोर डेटा चोरी, जासूसी और साइबर हमलों के जोखिम को जड़ से खत्म करने के लिए विकसित की गई है।
4. एक ही कंसोल से उड़ेंगे 1,000 से अधिक ड्रोन
ड्रोन बनाने वाली कंपनी यूनिवेक्स ने ब्रीफकेस जैसा दिखने वाला पोर्टेबल ड्रोन कंट्रोलर पेश किया। इस कंट्रोलर के जरिए एक साथ 1,000 से ज्यादा ड्रोन्स को एक ही जगह से ऑपरेट किया जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा कृषि में बड़े पैमाने पर कीटनाशक छिड़काव, फसल निगरानी और आपदा राहत में मिलेगा।
5. ऊंघते ड्राइवर को जगाएगा स्मार्ट एआई कैमरा
वाहन चालने के वक्त नींद आने के वजह से हर साल हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इस समस्या को सुलझाने के लिए एक खास एआई कैमरा भी पेश किया गया है। गाड़ियों के कैबिन में लगने वाला यह एआई कैमरा ड्राइविंग के दौरान ड्राइवर की थकान, नींद की झपकी और सड़क से ध्यान भटकने की आदतों को रियल-टाइम में पहचान लेता है और तुरंत तेज अलार्म बजाकर अलर्ट करता है।
6. बच्चों के लिए 'ई-रक्षा' सुरक्षा कवच
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए भी एआई आधारित समाधान पेश किया गया। इसका मकसद बच्चों को ऑनलाइन हानिकारक सामग्री, आपत्तिजनक वेबसाइट्स और साइबर बुलिंग से बचाना है। यह एक स्मार्ट डिजिटल ढाल की तरह काम करता है। इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऐसी तकनीक बच्चों की सुरक्षा मजबूत करने में मदद कर सकती है।
2047 तक 50 स्वदेशी टेक ब्रांड बनाने का लक्ष्य
आईएमसी 2026 में भारतीय टेक इंडस्ट्री से जुड़ी एक रिपोर्ट भी पेश की गई। इसमें सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय ब्रांड्स की भूमिका पर ध्यान दिया गया है।
क्लिपिंग में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 129 भारतीय ब्रांड मिलकर सालाना करीब 60,000 करोड़ रुपये का कारोबार करते हैं। इनमें से 14 ब्रांड 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का सालाना राजस्व दर्ज करते हैं। वहीं, 50 ब्रांड ऐसे हैं जिनका सालाना राजस्व 50 करोड़ रुपये से अधिक है।
रिपोर्ट में भारतीय टेक कंपनियों की मौजूदा स्थिति और आगे बढ़ने की संभावनाओं को सामने रखा गया है। इसके साथ ही, 2047 तक 50 स्वदेशी टेक ब्रांड तैयार करने का विजन भी पेश किया गया है।
भारत के टेक सेक्टर के लिए क्यों अहम है आयोजन?
इंडिया मोबाइल कांग्रेस का फोकस अब केवल मोबाइल और टेलीकॉम तक सीमित नहीं है। एआई, हार्डवेयर, डिजिटल सुरक्षा, स्मार्ट खेती और कनेक्टेड कार जैसे क्षेत्र भी इसका हिस्सा बन रहे हैं। इस तरह के आयोजन भारतीय कंपनियों को अपनी तकनीक और उत्पाद दिखाने का मंच देते हैं।
आईएमसी 2026 में पेश किए गए इनोवेशन बताते हैं कि देश में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने के लिए भी किया जा रहा है। हालांकि, इन तकनीकों का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि इन्हें कितनी तेजी से विकसित किया जाता है और आम लोगों तक कैसे पहुंचाया जाता है।
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