AI school: केरल में खुला भारत का पहला एआई स्कूल, क्या शिक्षकों को रिप्लेस कर देगा चैटजीपीटी?
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के पहले एआई स्कूल का उद्घाटन किया। एआई स्कूल में छात्रों के सीखने के अनुभव को बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और एडवांस्ड टेक्नोलॉजिकल सिस्टम की मदद ली जाएगी।

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AI school: भारत को अपना पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI) स्कूल मिल गया है। देश का पहला एआई स्कूल शांतिगिरी विद्याभवन को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में खोला गया है। मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एआई स्कूल का उद्घाटन किया। पहला एआई स्कूल कक्षा 8 से 12 तक के छात्रों के लिए होगा। एआई स्कूल में छात्रों को कई शिक्षकों का समर्थन, टेस्टिंग के विभिन्न स्तर, योग्यता परीक्षण, परामर्श, करियर के लिए योजना बनाने में मदद और चीजों को बेहतर ढंग से याद रखने की ट्रिक जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
यदि आप सोच रहे हैं कि स्कूल में मानव शिक्षक नहीं होंगे और इसके बजाय चैटजीपीटी कक्षा में बच्चों को पढ़ाएगा, तो ऐसा नहीं है। दरअसल, देश के पहला एआई स्कूल भी अन्य शैक्षिक संस्थान की तरह ही है। हालांकि, एआई स्कूल में छात्रों के सीखने के अनुभव को बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और एडवांस्ड टेक्नोलॉजिकल सिस्टम की मदद ली जाएगी।
मातृभूमि की रिपोर्ट के अनुसार, एआई स्कूल, आई-लर्निंग इंजन (ILE) अमेरिका और वैदिक ई-स्कूल के बीच सहयोग से खोला गया है। यानी यह शिक्षा का एक नया युग शुरू होने जैसा है। इस प्रोजेक्ट पर पूर्व मुख्य सचिव, डीजीपी और कुलपति जैसे विशेषज्ञ लोग काम करेंगे।
यहां छात्रों को पढ़ाने के लिए एआई की मदद ली जाएगी। साथ ही इसकी मदद से पाठ्यक्रम डिजाइन, पर्सनलाइज्ड लर्निंग, मूल्यांकन और छात्र सपोर्ट सहित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं में मशीन लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और डाटा एनालिसिस जैसी एआई टेक्नोलॉजीज का एंट्रीग्रेशन शामिल है।