AI: अब किसानों की आजीविका सुधारेंगे एआई टूल्स, 13 राज्यों में मॉनसून पूर्वानुमान का पायलट प्रोजेक्ट शुरू

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Sat, 06 Dec 2025 04:59 PM IST
सार

सरकार ने खेती की चुनौतियों को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एआई तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग शुरू कर दिया है। मॉनसून पूर्वानुमान से लेकर कीट पहचान और वॉयस-बेस्ड चैटबॉट ‘किसान ई-मित्र’ तक, कई स्मार्ट टूल लॉन्च किए गए हैं।

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India Deploys AI Tools to Boost Crop Productivity and Support Farmers
सरकार ने किसानों की आजीविका सुधारने के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल शुरू किया। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Amar Ujala

    विस्तार

    सरकार ने फसल उत्पादन और किसानों की आजीविका सुधारने के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इन टूल्स का मकसद खेती से जुड़ी चुनौतियों को कम करना और किसानों की कमाई बढ़ाना है।

    एआई से मॉनसून का अंदाजा

    सरकार ने खरीफ 2025 के लिए 13 राज्यों में एआई-आधारित मॉनसून पूर्वानुमान का एक पायलट प्रोजेक्ट चलाया। यह प्रोजेक्ट डेवलपमेंट इनोवेशन लैब-इंडिया के साथ मिलकर चलाया गया। प्रोजेक्ट में मॉनसून का सही अनुमान लगाने के लिए इन तकनीकों का इस्तेमाल किया गया:

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    • NeuralGCM
    • ECMWF का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फोरकास्टिंग सिस्टम (AIFS)
    • IMD के पिछले 125 साल के बारिश के रिकॉर्ड

    कृषि मंत्री रमनाथ ठाकुर ने बताया कि यह एआई पूर्वानुमान यह बताने में मदद करता है कि मॉनसून कब आएगा। जिससे किसान सही समय पर बुवाई की तारीख तय कर सकें।

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    3.88 करोड़ किसानों तक भेजा गया मॉनसून अलर्ट

    M-Kisan पोर्टल के जरिए 13 राज्यों के 3.88 करोड़ से ज्यादा किसानों को SMS में यह मॉनसून जानकारी भेजी गई। ये संदेश हिंदी, ओड़िया, मराठी, बांग्ला और पंजाबी भाषाओं में थे।

    सर्वे में दिखा बड़ा असर

    बिहार और मध्य प्रदेश में किए गए टेलीफोन सर्वे में पता चला कि 31-52% किसानों ने इस पूर्वानुमान के आधार पर अपनी बुवाई की योजना बदल दी। किसानों ने पूर्वानुमान के आधार पर खेती की तैयारी, बुवाई के समय, फसल और बीज-खाद चुनने में बदलाव कर दिया।

    ‘किसान ई-मित्र’: किसानों का एआई मित्र

    ‘किसान ई-मित्र’ एक वॉयस-बेस्ड एआई चैटबॉट है, जो किसानों के सवालों का जवाब देता है। इसमें पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी मिलती है। इस टूल में 11 भाषाओं का सपोर्ट है। यह टूल हर दिन 8,000 से ज्यादा सवालों का जवाब देता है और अब तक 93 लाख से ज्यादा किसानों की मदद कर चुका है।

    एआई से कीट की पहचान और निगरानी संभव

    नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम एआई और मशीन लर्निंग की मदद से फसलों में कीटों का पता लगाता है। इससे किसान समय रहते उपाय जरूरी उपाय कर सकते हैं।

    इसकी खासियतों की बात करें तो इसमें:

    • 10,000 से ज्यादा कृषि विस्तार कार्यकर्ता इसका इस्तेमाल कर रहे हैं
    • किसान कीटों की तस्वीर लेकर उन्हें अपलोड कर सकते हैं
    • यह सिस्टम 66 फसलें और 432 से ज्यादा कीट पहचान सकता है
    • सैटेलाइट इमेजिंग और एआई एनालिटिक्स से फसल की स्थिति और मौसम की निगरानी भी होती है
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