जरूरी बात: फोन पर अकेले में देखते हैं अश्लील वीडियो तो यह काली सच्चाई जान लें, एक झटके में सब खत्म हो जाएगा

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 22 Mar 2024 03:50 PM IST
सार

सच्चाई यह है कि भले ही आपको किसी अन्य कंटेंट के देखने को दौरान ट्रैक ना किया जाए लेकिन जब आप इस तरह के कंटेंट देखते हैं तो उसी वक्त आप पर हजारों एआई बॉट की नजर रहती है। आइए समझते हैं कि आपकी ट्रैकिंग किस तरह होती है और इस ट्रैकिंग के नुकसान क्या-क्या हैं?

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If You Are Watching This Type Of Videos On Mobile Be Alert You May Be targeted by scammers
फोन पर अश्लील वीडियो देखते हैं तो सावधान - फोटो : pixabay

    विस्तार

    वैसे तो भारत में अश्लील वीडियो या कंटेंट पर बैन है लेकिन बावजूद इसके लिए लोग चोरी-छुपे देख रहे हैं। टेलीकॉम कंपनियों ने भी अपने नेटवर्क पर कुछ साइट्स को बैन कर रखा है लेकिन देखने वाले वीपीएन की मदद से देख रहे हैं। आमतौर पर इस तरह के वीडियो देखने वालों को लगता है कि वे प्राइवेट मोड में देख रहे हैं तो किसी को खबर नहीं है, लेकिन सच्चाई इसके विपरित है। सच्चाई यह है कि भले ही आपको किसी अन्य कंटेंट के देखने को दौरान ट्रैक ना किया जाए लेकिन जब आप इस तरह के कंटेंट देखते हैं तो उसी वक्त आप पर हजारों एआई बॉट की नजर रहती है। आइए समझते हैं कि आपकी ट्रैकिंग किस तरह होती है और इस ट्रैकिंग के नुकसान क्या-क्या हैं?

    पहली बात तो यही है कि जब भी आप इस तरह के कंटेंट देखते हैं तो इसकी जानकारी सबसे पहले आपके मोबाइल सर्विस ऑपरेटर या वाई-फाई नेटवर्क प्रोवाइडर को मिलती है और आपके फोन में पड़े एप्स, उस दौरान आप पर किसी खुफिया एजेंसी की तरह नजर रखते हैं, मतलब आपकी पूरी ब्राउजिंग हिस्ट्री को ट्रैक किया जाता है।

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    आपकी ब्राउजिंग पैटर्न के हिसाब से आपकी ट्रैकिंग होती है और आपकी सोशल मीडिया प्रोफाइल को भी खंगाला जाता है। इसके बाद यह तय किया जाता है कि आपको कौन-सा विज्ञापन दिखाया जाए। यदि आप इस तरह के वीडियो के आदी हैं तो आपको इससे जुड़े विज्ञापन ही दिखाए जाएंगे।

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