हुवावे को मिली 90 दिन की छूट, पिछले हफ्ते किया गया था ब्लैकलिस्ट 

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Tue, 21 May 2019 03:20 PM IST
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Huawei ban: US delays Huawei ban for 90 days, founder says US underestimates company
Huawei - फोटो : google

    चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी हुवावे को अमेरिका ने 90 दिन की छूट दे दी है। अब इन 90 दिनों में हुवावे को अपने फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम का इंतजाम करना होगा और अमेरिकी कंपनियों से डील करनी होगी। बता दें कि पिछले सप्ताह ही डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने हुवावे पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसके बाद क्वॉलकॉम, इंटेल और गूगल जैसी कंपनियों ने कहा था वे हुवावे को किसी भी प्रकार का कोई सपोर्ट नहीं देंगी। हुवावे को 90 दिन की मोहलत देने को लेकर अमेरिका के वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस ने कहा है कि इस छूट से हुवावे को फैसला लेने का वक्त मिल जाएगा और हुवावे के फोन को इस्तेमाल कर रहे लोगों को परेशानी नहीं होगी।

    क्या है पूरा मामला?

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    huawei - फोटो : Tom's Hardware

    चीन की टेलीकॉम और स्मार्टफोन निर्माता कंपनी हुवावे को अमेरिका में जासूसी के आरोप में ब्लैकलिस्ट करके एनटिटी लिस्ट में डाल दिया गया था। इस लिस्ट में जाने के बाद कंपनियों को पास अमेरिकी कंपनियों से बिजनेस करने का लाइसेंस नहीं रह जाता है। यह मामला पिछले साल दिसंबर से ही चल रहा है। अमेरिका ने कहा है कि हुवावे की मदद से चीन उनकी जासूसी कर सकता है, वहीं हुवावे का कहना है कि उसकी भी डिवाइस से किसी भी प्रकार का को खतरा नहीं है औ वह अमेरिकी लोगों की जासूसी नहीं करती है, वहीं हुवावे ने यह भी कहा है कि वह बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने के लिए तैयार है। ने अपने उपकरणों से सुरक्षा के खतरे के आरोपों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि वह अमेरिका से बातचीत के जरिए उसकी चिंताएं दूर करने को तैयार है।

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    हुवावे को ब्लैकलिस्ट करने और गूगल का सपोर्ट बंद करने से क्या होगा असर

    Android
    Android - फोटो : amar ujala

    ट्रंप सरकार द्वारा ब्लैकलिस्ट करने और गूगल और क्वॉलकॉम जैसी कंपनियों का सपोर्ट बंद होने के बाद हुवावे को बड़ा नुकसान होगा, क्योंकि गूगल तत्काल प्रभाव से हुवावे को एंड्रॉयड का अपडेट देना बंद कर देगा। साथ ही हुवावे स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर, जीमेल और यूट्यूब जैसे ऐप्स की सेवा बंद हो जाएगी। ऐसे में हुवावे को एंड्रॉयड के पब्लिक वर्जन से काम चलाना होगा। साथ ही Huawei के फोन में यूजर्स गूगल के किसी भी ऐप्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

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    ब्लैकलिस्ट होने के बाद हुवावे क्या करेगा?

    Huawei P30 Pro
    Huawei P30 Pro

    ब्लैकलिस्ट होने के बाद हुवावे को अब एंड्रॉयड के ओपन सोर्स प्रोजेक्ट से काम चलाना पड़ेगा। बता दें कि गूगल का एंड्रॉयड ओपन सोर्स प्रोजेक्ट (AOSP) कोई भी इस्तेमाल कर सकता है। इस प्रोजेक्ट के साथ पूरी दुनिया में 2.5 बिलियन डिवाइस एक्टिव हैं। यहां भी एक मुसीबत यह है कि गूगल इस प्रोजेक्ट में तो अन्य लोगों को तो टेक्निकल सपोर्ट देगा लेकिन हुवावे को यह सपोर्ट नहीं मिला।

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