मोबाइल से मालवेयर हटाने का आसान तरीका

ऐसे कई ऐप हैं जो गूगल की सिक्योरिटी से बचकर डाउनलोड हो जाते हैं। ट्रोज़न जैसे वायरस हैं, जिन्हें ऐसे लोगों के लिए बनाया जाता है जो पोर्न वीडियो देखने के लिए कहीं भी क्लिक करने को तैयार होते हैं।
सिक्योरिटी के मुद्दे के बारे में बताने वाली इस वेबसाइट के अनुसार अगस्त 2015 और फ़रवरी 2016 के बीच 343 ऐसे क्लिक करने वाले विज्ञापन दिखाई दिए।
इसके अनुसार एंड्रायड पर ऐसे कई 'पोर्न क्लिकर' सबसे ज़्यादा सफल रहे हैं। टेंपल रन, टॉकिंग टॉम, सबवे सर्फ़र जैसे जाने-माने ऐप का रूप देकर ऑनलाइन उचक्के लोगों को झांसा देने में कामयाब रहते हैं।
एक बार आपने डाउनलोड कर लिया, तो आपको पता भी नहीं चलता और आपके फ़ोन पर ट्रोज़न अपनी जगह बना लेता है।
इस वीडियो को एक बार देखें

कैसे जाने-माने गेम ग्रैंड थेफ़्ट ऑटो जैसा दिखने वाला ऐप वायरस निकला। ऐसे ट्रोज़न आपके जाने बिना विज्ञापनों पर क्लिक करते हैं, जिनसे कंपनी के लिए पैसा बनता है।
एक बार ऐसे ऐप गूगल प्ले स्टोर में आ जाते हैं, फिर उनको ग़लती से डाउनलोड करने वाले भी मिल जाते हैं।
अगर आप चाहें, तो ऐसे ऐप को अपने स्मार्टफ़ोन से दूर भी रख सकते हैं। उसके लिए एक रिपोर्ट यहां पढ़ सकते हैं। ग़लती से बचने का तरीक़ा है कि ऐप के बारे में आप एक बार रिव्यू ज़रूर पढ़ें।
अगर लोगों ने नाख़ुशी ज़ाहिर की है, तो उसे डाउनलोड न करें। ऐप बनाने वाली कंपनी का नाम ज़रूर देख लें।
मैलवेयर हटाने का आसानी तरीका

अगर यह कोई बहुत जाना-माना ऐप है, तो उसे बनाने वाली कंपनी का नाम हो सकता है आपको पता होगा। अगर बहुत जाना-माना ऐप है, तो उसके डाउनलोड की संख्या देख लें। इससे आपका शक दूर हो सकता है।
कई ऐप के आपको सिर्फ़ पेड वर्ज़न मिलते हैं। अगर अचानक इनके फ़्री वर्ज़न मिलने लगें, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। स्मार्टफ़ोन से मैलवेयर हटाने के बारे में अगर आप जानना चाहते हैं तो यह वीडियो देखिए।
कई ऑनलाइन रिसर्च ने माना है कि भारत दुनिया में पोर्न देखने वालों में पहले पांच देशों में एक है। इसलिए ऐसे ऐप से यहां लोगों को काफ़ी ख़तरा हो सकता है।